Songs of Shailendra::
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Chori Chori

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१९५५ – चोरी चोरी – ये रात भीगी-भीगी | 1955 – Chori Chori – ye raat bheegi bheegi

ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फ़िज़ाएँ, उठा धीरे-धीरे वो चाँद प्यारा-प्यारा क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा इठलाती हवा, नीलम-सा गगन, कलियों पे ये बेहोशी की नमी ऐसे में भी क्यूँ बेचैन है दिल, जीवन में न जाने क्या है कमी क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – मनभावन के घर जाए गोरी | 1955 – Chori Chori – manbhawan ke ghar jaye gori

मनभावन के घर जाए गोरी घूँघट में शरमाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना बचपन के दिन खेल गँवाए, आई जवानी तो बालम आए तेरे आँगन बजे बधाई गोरी, क्यूँ नैना छलकाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना इस दुनिया की … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले | 1955 – Chori Chori – tum arbon ka her pher karnewale

तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले राम-जी सवा लाख की लाटरी भेजो अपने भी नाम जी पैसे-पैसे को जवानी मेरी तरसे सोते-सोते उठ जाऊँ बिस्तर से कब जाएगी ग़रीबी मेरे घर से तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले … कैसी प्यारी है ख़बर अख़बारों में लक्ष्मीदेवी होंगी अपने इशारों में होगा बंगला हमारा भी सितारों में तुम … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – जहाँ मैं जाती हूँ वहीं | 1955 – Chori Chori – jahan main jati hoon wahin

जहाँ मैं जाती हूँ, वहीं चले आते हो चोरी-चोरी मेरे दिल में समाते हो ये तो बताओ कि तुम मेरे कौन हो दिल की दिल से लगन की ये बात है प्यार की राह-रस्म की ये बात है मुझसे ना पूछो कि तुम मेरे कौन हो मैं तो शोर मचाऊँगी, करनी तुम्हारी सबको बताऊँगी ख़ैर … Continue reading →