कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया सज सोलह-सिंगार खड़ी मैं पंथ निहारूँ घड़ी-घड़ी मैं सूना सब जग रसिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया आँगन जाऊँ, अटारी जाऊँ साँझ भए से आस लगाऊँ जलूँ जैसे जले दिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं … Continue reading
मत जा मत जा मत जा, मेरे बचपन नादाँ बचपन ने कहा मुझसे, कुछ रोज़ के हम मेहमाँ जबसे ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन रहते हैं खिंचे-से नैना, रूठा रहता है मन अपने रूठे मन को मैं लेकर जाऊँ कहाँ बचपन ने कहा मुझसे, कुछ रोज़ के हम मेहमाँ मत जा मत जा … Continue reading
जीवन के दो-राहे पे खड़े, सोचते हैं हम जाएँ तो किधर जाएँ ताने है दिल इधर को तो, खींचें उधर क़दम जाएँ तो किधर जाएँ जीवन के दो-राहे पे खड़े, सोचते हैं हम हर मोड़ पे देता है ये संसार दुहाई हर गाम पे देता है मेरा प्यार दुहाई इस रास्ते में मंदिर हैतो उस … Continue reading