Songs of Shailendra::
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Chaand

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१९५९ – चाँद – खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना | 1959 – Chaand – khoyi khoyi ankhiyan neend bina

खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना देख रही हैं एक सपना खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना झूम-झूमके बहार मेरी सेज बिछाए घड़ी-घड़ी करे अजब इशारे सज-धजके मैं जाऊँ, बैठी-बैठी घबराऊँ गड़ी जाऊँ देखो लाज के मारे आते ही होंगे मोरे सजना खोई-खोई अँखियाँ … आके मेरे मनभाए मेरा घुँघटा उठाएँ मोसे पलक उठाए उठ ना मेरी माँग को … Continue reading

१९५९ – चाँद – आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके | 1959 – Chaand – aa ja ri chandani hamari gali chand leke

आजा री चाँदनी आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके आजा हमने नैन बिछाए, आजा बैठे लगन लगाए, आजा अब तो रहा न जाए, आजा आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके आजा जब-जब मौसम ले अंगड़ाई, बिजली चमकी, बदली छाई राम ही जाने क्या है बात, नींद न आए सारी रात आजा री चाँदनी … Continue reading

१९५९ – चाँद – ऐ बादलो, रिमझिम के रंग लिए कहाँ चले | 1959 – Chaand – ae badalo, rimjhin ke rang liye jahan chale

ऐ बादलो, ऐ बादलो रिमझिम के रंग लिए कहाँ चले झूमती उमंग लिए, प्यार की पतंग लिए जिया मोरा संग लिए, कहाँ चले ऐ बादलो सनन-सनन पवन घूम-घूमके बाँसुरी बजाए झूम-झूमके कानों-कानों में कहे प्यार करो, देखो ना इनकार करो अजी सुनो, कहाँ चले ऐ बादलो, रिमझिम के रंग लिए कहाँ चले ऐ बादलो थिरक-थिरक … Continue reading

१९५९ – चाँद – कभी आज कभी कल कभी परसों | 1959 – Chaand – kabhi aaj kabhi kal kabhi parson

कभी आज, कभी कल, कभी परसों ऐसे ही बीते बरसों हमारी सुनते ही नहीं साजना देखो जी, सुनते ही नहीं साजना डाल पे फूल और फूलों पे भँवरे, दिनभर सौ-सौ खेल करें तड़पें-तरसें हमीं अकेले, छुप-छुप ठण्डी आह भरें बीती जाए देखो हाय ये जवानी, ये दिलों की कहानी हमारी सुनते ही नहीं साजना देखो … Continue reading