Songs of Shailendra::
archives

Bharat Bhushan

This tag is associated with 10 posts

१९५५ – बसंत बहार – केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले | 1955 – Basant Bahar – ketki gulab juhi champak ban phuule

केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले रितु बसंत, अपनो कंत गोरी गरवा लगाए झुलना में बैठ आज पी के संग झूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले गल-गल कुंज-कुंज, गुन-गुन भँवरों की गुंज राग-रंग अंग-अंग, छेड़त रसिया अनंग कोयल की पंचम सुन दुनिया दुख भूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले मधुर-मधुर थोरी-थोरी, मीठी बतियों … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – झूमती चली हवा याद आ गया कोई | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – jhoomati chali hawa yaad aa gaya koi

झूमती चली हवा, याद आ गया कोई बुझती-बुझती आग को फिर जला गया कोई झूमती चली हवा खो गईं हैं मंज़िलें, मिट गए हैं रास्ते गर्दिशें ही गर्दिशें अब हैं मेरे वास्ते और ऐसे में मुझे, फिर बुला गया कोई झूमती चली हवा … एक हूक-सी उठी, मैं सिहरके रह गया दिल को अपने थामके, … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – बदली-बदली दुनिया है मेरी | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – badali badali duniya hai meri

परदेसी घर आयके, रह-रह करे विचार पहले किसका नाम लूँ, किसकी करूँ पुकार बदली-बदली दुनिया है मेरी जादू है ये क्या तेरे नैनन का बनके कजरा अँखियों में रहा एक सुंदर सपना बचपन का बदली-बदली दुनिया है मेरी मेरे गीतों के चंचल स्वर आए होंगे बादल बनकर बरसे होंगे इस आँगन पर लेके संदेस मेरे … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – मितवा लौट आए री | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – mitwa laut aaye ri

मितवा लौट आए री आज मेरो जियरा क्यूँ न गाए शुभ दिन दर्शन पाए मितवा लौट आए री नैना जो थे नीर भरे पिया को देख फिर से मुस्काए आए री, आए री, आए मितवा लौट आए री दिवला दे बुझाए कोई जादू प्रीत की ज्योत जगाए आए री, आए री, आए मितवा लौट आए … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – सुध बिसर गई आज | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – sudh bisar gayi aaj

सुध बिसर गई आज अपने गुणन की आई गई बात बीते दिनन की बिखरे सपन सारे, विधना से हम हारे अँसुओं में डूबी हैं पलकें नयन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की जियरा के दो टूक, गई प्रेरणा रूठ घुट-घुट गई सूख सरिता सुरन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की … … Continue reading

१९५५ – बसंत बहार – नैन मिले चैन कहाँ | 1955 – Basant Bahar – nain mile chain kahan

नैन मिले चैन कहाँ दिल है वहीं तू है जहाँ ये क्या किया सैंया साँवरे तूने ये क्या किया सैंया साँवरे चुप-चुप रहके लुटाया दिल तुझपे एक सुख पाया मैंने सौ दुख सहके, सौ दुख सहके दूर-दूर गली-गली अब तो बात फैल चली ये क्या किया सैंया साँवरे तूने ये क्या किया सैंया साँवरे कौनसे … Continue reading

१९५५ – बसंत बहार – कर गया रे कर गया मुझपे जादू | 1955 – Basant Bahar – kar gaya re kar gaya mujhpe jadoo

कर गया रे, कर गया मुझपे जादू साँवरिया कर गया मुझपे जादू ये क्या किया रे, ग़ज़ब किया रे चोर को समझी मैं साधु साँवरिया कर गया मुझपे जादू भोली सुरतिया मगर है सयाना सीखे कोई वो से दामन बचाना वादा करके मुकर गया कर गया रे … तुम जो कहो तो मैं नाम बता … Continue reading

१९५५ – बसंत बहार – भयभंजना वंदना सुन हमारी | 1955 – Basant Bahar – bhaybhanjana vandana sun hamari

भय-भंजना वंदना सुन हमारी दरस तेरे माँगे ये तेरा पुजारी भय-भंजना गीतों के फूलों की माला बनाकर लाया हूँ दिल आरती में सजाकर ये साँसों की सरगम करूँ तेरे अर्पण तुझे और क्या दूँ, मैं ठहरा भिखारी दरस तेरे माँगे ये तेरा पुजारी भय-भंजना आजा मधुर स्वप्न-सी मुस्कुराती मन के बुझे दीप हँसकर जलाती जपे … Continue reading

१९५४ – अमानत – जबसे मिलीं तोसे अँखियाँ | 1954 – Amaanat – jab se milin tose ankhiyan

ओ जबसे मिलीं तोसे अँखियाँ, जियरा डोले रे डोले हो डोले हो मीठे-मीठे प्यार के ये हिंचकोले, जिया डोले रे डोले हो डोले ओ जबसे मिलीं तोसे अँखियाँ डोले हे डोले ये दिल की दुनिया, मैं नहीं अपने बस में वो मन में छुपा एक चोर है जो, मेरे जी की बतियाँ खोले ओ जबसे … Continue reading

१९५४ – अमानत – बाँकी अदाएँ देखना जी देखना | 1954 – Amaanat – baanki adayein dekhna ji dekhna

बाँकी अदाएँ, देखना जी देखना दिल ना चुराएँ, देखना जी कहने को भोली नज़र है मीठा-मीठा ये ज़हर है धोखा ना खाना, दिल ना गँवाना देखो जी रहना बचके, बचके, बचके बाँकी अदाएँ … रूप को धूप दिखाने से आता है चोर बुलाने से दिल का ख़ज़ाना यूँ ना लुटाना देखो जी रहना बचके, बचके, … Continue reading