केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले रितु बसंत, अपनो कंत गोरी गरवा लगाए झुलना में बैठ आज पी के संग झूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले गल-गल कुंज-कुंज, गुन-गुन भँवरों की गुंज राग-रंग अंग-अंग, छेड़त रसिया अनंग कोयल की पंचम सुन दुनिया दुख भूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले मधुर-मधुर थोरी-थोरी, मीठी बतियों … Continue reading
नैन मिले चैन कहाँ दिल है वहीं तू है जहाँ ये क्या किया सैंया साँवरे तूने ये क्या किया सैंया साँवरे चुप-चुप रहके लुटाया दिल तुझपे एक सुख पाया मैंने सौ दुख सहके, सौ दुख सहके दूर-दूर गली-गली अब तो बात फैल चली ये क्या किया सैंया साँवरे तूने ये क्या किया सैंया साँवरे कौनसे … Continue reading
बड़ी देर भई, बड़ी देर भई बड़ी देर भई, कब लोगे ख़बर मोरे राम चलते-चलते मेरे पग हारे, आई जीवन की शाम कब लोगे ख़बर मोरे राम बड़ी देर भई, बड़ी देर भई कहते हैं तुम हो दया के सागर, फिर क्यूँ ख़ाली मेरी गागर झूमे-झुके कभी ना बरसे, कैसे हो तुम घनश्याम हे राम, … Continue reading
कर गया रे, कर गया मुझपे जादू साँवरिया कर गया मुझपे जादू ये क्या किया रे, ग़ज़ब किया रे चोर को समझी मैं साधु साँवरिया कर गया मुझपे जादू भोली सुरतिया मगर है सयाना सीखे कोई वो से दामन बचाना वादा करके मुकर गया कर गया रे … तुम जो कहो तो मैं नाम बता … Continue reading
दुनिया ना भाए मोहे, अब तो बुला ले चरणों में, चरणों में तेरे चरणों में, चरणों में मेरे गीत मेरे संग-सहारे कोई ना मेरा संसार में दिल के ये टुकड़े कैसे बेच दूँ दुनिया के बाज़ार में मन के ये मोती रखियो तू सँभाले चरणों में, चरणों में तेरे चरणों में, चरणों में सात सुरों … Continue reading
सुर ना सजे, क्या गाऊँ मैं सुर के बिना जीवन सूना सुर ना सजे, क्या गाऊँ मैं दोनों जहाँ मुझसे रूठे तेरे बिना ये गीत भी झूठे सुर ना सजे … जलते गया जीवन मेरा इस रात का न होगा सवेरा सुर ना सजे … संगीत मन को पंख लगाए गीतों से रिमझिम रस बरसाए … Continue reading
भय-भंजना वंदना सुन हमारी दरस तेरे माँगे ये तेरा पुजारी भय-भंजना गीतों के फूलों की माला बनाकर लाया हूँ दिल आरती में सजाकर ये साँसों की सरगम करूँ तेरे अर्पण तुझे और क्या दूँ, मैं ठहरा भिखारी दरस तेरे माँगे ये तेरा पुजारी भय-भंजना आजा मधुर स्वप्न-सी मुस्कुराती मन के बुझे दीप हँसकर जलाती जपे … Continue reading
जा जा रे जा बालमवा सौतन के संग रात बिताई काहे करत अब झूठी बतियाँ जा जा रे जा बालमवा ग़ैर के घर करी रात-जगाई मोसे कहे तेरे बिना नींद ना आई कैसो हरजाई दैय्या जा जा रे जा बालमवा … काँधे लगा लाई बिंदिया किसीकी जानूँ मैं चुराई तूने निंदिया किसीकी लाज ना आई … Continue reading