Songs of Shailendra::
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Badal

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१९५१ – बादल – ऐ दिल न मुझसे छुपा | 1951 – Badal – ae dil na mujhse chhupa

ऐ दिल न मुझसे छुपा, सच बता क्या हुआ जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ तारे गिने रातभर, जाने कब याद में सो गई वो ख़्वाब था मदभरा, जिसमें बेहोश मैं खो गई कोई नींद में हमसे रूठके, हमको लूटके, चल दिया जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ ऐ दिल न … Continue reading →

१९५१ – बादल – दो दिन के लिए मेहमान यहाँ | 1951 – Badal – do din ke liye mehman yahan

दो दिन के लिए मेहमान यहाँ मालूम नहीं मंज़िल है कहाँ अरमान-भरा दिल तो है मगर जो दिल से मिले वो दिल है कहाँ इक फूल जला, इक फूल खिला कुछ अपना लुटा, कुछ उनको मिला कैसे करें क़िस्मत से गिला रंगीन हर एक महफ़िल है कहाँ दो दिन के लिए … दुनिया में सवेरा … Continue reading →

१९५१ – बादल – आज माने ना मोरा जिया | 1951 – Badal – aaj mane na mora jiya

आज माने ना मोरा जिया, ठुमक-ठुमक नाचे सावन का मौसम सुहाना देखो आए उमंगभरे रंगभरे बादल लाए ख़ुशी का ख़ज़ाना सावन का मौसम सुहाना उनका आना हुआ, ग़म का जाना हुआ कैसी बाँकी नज़र, दिल निशाना हुआ आज माने ना … मैं यहाँ हूँ मगर दिल तेरे पास है तू हो चाहे जहाँ, तू मेरे … Continue reading →

१९५१ – बादल – उनसे प्यार हो गया | 1951 – Badal – unse pyar ho gaya

उनसे प्यार हो गया, उनसे प्यार हो गया दिल मेरा खो गया, दिल उनका खो गया दिल दिल से मिल गया उनसे प्यार हो गया दर्द मिटाए तूने तीर चुभाके आग बुझाई एक आग लगाके उनसे प्यार हो गया … नैनों से नैन मिले, बदले ज़माने समझनेवाले समझे, और ना जाने और ना जाने, कोई … Continue reading →

१९५१ – बादल – अनमोल प्यार बिन मोल बिके | 1951 – Badal – anmol pyar bin mol bike

अनमोल प्यार बिन मोल बिके, इस दुनिया के बाज़ार में इन्सान और ईमान बिके, इस दुनिया के बाज़ार में अनमोल प्यार बिन मोल बिके खिलते ही इस फुलवारी में, प्यार की कलियाँ जल जाती हैं दिल की दिल में रह जाती है, चाँदनी रातें ढल जाती हैं कितने-ही संसार उजड़ जाते हैं इस संसार में … Continue reading →