Songs of Shailendra::
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Asha

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१९७० – मेरा नाम जोकर – काटे ना कटे रैना | 1970 – Mera Naam Joker – kaate na kate raina

जो मैं ऐसा जानती कि प्रीत किए दुख होय तो नगर ढिंढ़ोरा पीटती, कि प्रीत न करियो कोय काटे ना कटे रैना मोरे लागे उनसे नैना, रे काटे ना कटे रैना तुम्हारे वादे, कि ज्यों शराबी करे है तौबा नशे में आकर हमारी आदत, कि मुंतज़िर हैं, जवान रातों का दिल दुखाकर चँदा हँसे आकाश … Continue reading

१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – तुझसे नज़र मिलाने में | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – tujhse nazar milane mein

तुझसे नज़र मिलाने में, घूमके फिर शरमाने में देर लगी बस इतनी-सी, हाथ से दिल के जाने में तुझसे नज़र मिलाने में प्यार का मौसम आ ही गया, गुपचुप फूल खिला ही गया मस्त हवा के झोंके में, आँचल था लहरा ही गया झूमके आने जाने में ओ, तुझसे नज़र मिलाने में … तीर-ए-नज़र ने … Continue reading

१९७० – मेरा नाम जोकर – अंग लग जा बालमा | 1970 – Mera Naam Joker – ang lag ja baalma

करे-कारे बदरा, सूनी-सूनी रतिया, सजना बिजुरी जो चमके, धड़क जाए छतिया, सजना मैं अकेली पिया, लरजे मोरा जिया, ऐसे में तू न जा अंग लग जा बालमा, मोरे अंग लग जा बालमा मैं अकेली पिया, लरजे मोरा जिया, ऐसे में तू न जा मोरे अंग लग जा बालमा, मोरे अंग लग जा बालमा आज हवाएँ … Continue reading

१९५३ – मयूरपंख – ये बरखा बहार | 1953 – Mayurpankh – ye barkha bahar

ये बरखा बहार सौतनिया के द्वार न जा मोरे साँवरे पिया न जा मोरे साँवरे पिया अँधेरी रात, घटाओं से दर्द बरसेगा तेरे बिना जलेगी सेज, प्यार तरसेगा मैं रो-रो मरूँ, तोरे पैंया पड़ूँ न जा मोरे साँवरे पिया ये बरखा बहार … तेरे बग़ैर क्या मज़ा है ज़िंदगानी में न जाओ बेरहम, लगाके आग … Continue reading

१९५९ – मैं नशे में हूँ – ग़ैर की गली में पिया तूने मेरा नाम लिया | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – gair ki gali mein piya tune mera naam liya

ग़ैर की गली में पिया, तूने मेरा नाम लिया मुझे बदनाम किया, हाय हाय हाय जिसको देखो अब कहता है, दिल है, दिल है, अजी दिल है सभी चाहते हैं मुझसे पहचान कर लें जो मुश्किल है, पहले-से ही आसान कर लें ग़ैर की गली में पिया … कोई कह रहा है, तुम हो बहारों … Continue reading

१९६७ – लाट साहब – ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा | 1967 – Laat Saheb – ae chand zara chhup ja, ae waqt zara ruk ja

ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा एक बात है होँठों पे, कह लूँ तो क़रार आए, एक बोझ तो हट जाए ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा रुख़ उनका इधर को है, अब क्यूँ न बहार आए, दुनिया न बदल जाए ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ … Continue reading

१९६२ – काँच की गुड़िया – साथ हो तुम और रात जवाँ | 1962 – Kanch Ki Gudiya – saath ho tum aur raat jawan

साथ हो तुम और रात जवाँ नींद किसे अब चैन कहाँ कुछ तो समझ ऐ भोले सनम कहती है क्या नज़रों की ज़ुबाँ साथ हो तुम और रात जवाँ महकती हवा, छलकती घटा हमसे ये दिल सँभलता नहीं की मिन्नतें, मनाकर थके करें क्या, ये अब बहलाता नहीं देखके तुमको बहकने लगा, लो मचलने लगा … Continue reading

१९५६ – क़िस्मत का खेल – चलो ले चलूँ मैं तारों में | 1956 – Kismat Ka Khel – chalo le chaloon main taaron mein

चलो ले चलूँ मैं तारों में रंग-रंगीले गुलज़ारों में चाँद से उतरी प्यार की पुतली, मैं तुम्हारी गुलबदन बिखरे सपने, खोए नग़्मे, लाई तुम्हारी गुलबदन चलो ले चलूँ मैं तारों में रंग-रंगीले गुलज़ारों में ना ऐसे ग़म हैं, ना ये सितम हैं, नीलम के उस देश में सब के साथ प्यार की बात होती है … Continue reading

१९५९ – इन्सान जाग उठा – जानूँ-जानूँ री काहे खनके है | 1959 – Insaan Jaag Utha – jaanu jaanu ri kahe khanke hai

जानूँ जानूँ री, काहे खनके है तोरा कंगना जानूँ जानूँ री, काहे खनके है तोरा कंगना मैं भी जानूँ री, छुपके कौन आया तोरे अंगना अरी जानूँ री, छुपके कौन आया तोरे अंगना मैं भी जानूँ री पीपल की छैंया तले बतियाँ बनायके भोले-भाले दिल को ले गया उड़ायके सखी जानूँ री, झूमे है काहे … Continue reading

१९५६ – जागते रहो – ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार | 1956 – Jagte Raho – thandi thandi sawan ki phuahr

ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार, पिया आज खिड़की खुली मत छोड़ो आवे झोंके से पगली बयार, पिया आज बाती जली मत छोड़ो ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार दिये की ज्योति अँखियों में लागे, पलकों पे निंदिया सवार पिया आज बाती जली मत छोड़ो ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार पपीहे ने मन की अग्नि बुझा ली, प्यासा रहा मेरा … Continue reading