Songs of Shailendra::
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1962

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१९६२ – हरियाली और रास्ता – लाखों तारे आसमान में | 1962 – Hariyali Aur Rasta – laakhon taare aasman mein

लाखों तारे आसमान में, एक मगर ढूँढ़े ना मिला देखके दुनिया की दीवाली, दिल मेरा चुपचाप जला लाखों तारे आसमान में, एक मगर ढूँढ़े ना मिला क़िस्मत का है नाम मगर, है काम ये दुनियावालों का फूँक दिया है चमन हमारे ख़्वाबों और ख़यालों का जी करता है, ख़ुद ही घोंट दें अपने अरमानों का … Continue reading

१९६२ – हरियाली और रास्ता – एक था राजा एक थी रानी, आओ सुनाऊँ | 1962 – Hariyali Aur Rasta – ek tha raja ek thi rani, aao sunaoon

एक था राजा, एक थी रानी आओ सुनाऊँ उनकी कहानी थे वो बचपन के साथी, एक दूजे के दीवाने खेला करते थे मिलकर, मिलकर गाते थे गाने दिन थे वो उजले, रातें सुहानी, आओ सुनाऊँ उनकी कहानी एक था राजा, एक थी रानी आओ सुनाऊँ उनकी कहानी वो उड़े बादलों के संग, वो इंद्रधनुष पे … Continue reading

१९६२ – हरियाली और रास्ता – बोल मेरी तक़्दीर में क्या है | 1962 – Hariyali Aur Rasta – bol meri taqdeer mein kya hai

बोल मेरी तक़्दीर में क्या है, मेरे हमसफ़र अब तो बता जीवन के दो पहलू हैं, हरियाली और रास्ता कहाँ है मेरे प्यार की मंज़िल, तू बतला, तुझको है पता जीवन के दो पहलू हैं, हरियाली और रास्ता जहाँ हम आके पहुँचे हैं, वहाँ से लौटकर जाना नहीं मुमकिन, मगर मुश्किल है दुनिया से भी … Continue reading

१९६२ – हरियाली और रास्ता – तेरी याद दिलसे भुलाने चला हूँ | 1962 – Hariyali Aur Rasta – teri yaad dil se bhulane chala hoon

तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ कि ख़ुद अपनी हस्ती मिटाने चला हूँ तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ घटाओ तुम्हें साथ देना पड़ेगा मैं फिर आज आँसू बहाने चला हूँ तेरी याद दिल से … कभी जिस जगह ख़्वाब देखे थे मैंने वहीं ख़ाक अपनी उड़ाने चला हूँ तेरी याद दिल से … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – झूमती चली हवा याद आ गया कोई | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – jhoomati chali hawa yaad aa gaya koi

झूमती चली हवा, याद आ गया कोई बुझती-बुझती आग को फिर जला गया कोई झूमती चली हवा खो गईं हैं मंज़िलें, मिट गए हैं रास्ते गर्दिशें ही गर्दिशें अब हैं मेरे वास्ते और ऐसे में मुझे, फिर बुला गया कोई झूमती चली हवा … एक हूक-सी उठी, मैं सिहरके रह गया दिल को अपने थामके, … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – बदली-बदली दुनिया है मेरी | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – badali badali duniya hai meri

परदेसी घर आयके, रह-रह करे विचार पहले किसका नाम लूँ, किसकी करूँ पुकार बदली-बदली दुनिया है मेरी जादू है ये क्या तेरे नैनन का बनके कजरा अँखियों में रहा एक सुंदर सपना बचपन का बदली-बदली दुनिया है मेरी मेरे गीतों के चंचल स्वर आए होंगे बादल बनकर बरसे होंगे इस आँगन पर लेके संदेस मेरे … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – मितवा लौट आए री | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – mitwa laut aaye ri

मितवा लौट आए री आज मेरो जियरा क्यूँ न गाए शुभ दिन दर्शन पाए मितवा लौट आए री नैना जो थे नीर भरे पिया को देख फिर से मुस्काए आए री, आए री, आए मितवा लौट आए री दिवला दे बुझाए कोई जादू प्रीत की ज्योत जगाए आए री, आए री, आए मितवा लौट आए … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – सखी कैसे धरूँ मैं धीर | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – sakhi kaise dharoon main dheer

सखी कैसे धरूँ मैं धीर हाय रे मेरे अब लो श्याम ना आए री बहे नैनों से निसदिन नीर हाय रे मेरे अब लो श्याम ना आए री सखी कैसे धरूँ मैं धीर घिर-घिर श्याम घटा लहराए बेदर्दी की याद दिलाए उनबिन मुरली कौन सुनाए ठाड़ी रोऊँ मैं जमुना के तीर हाय रे मेरे अब … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – सुध बिसर गई आज | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – sudh bisar gayi aaj

सुध बिसर गई आज अपने गुणन की आई गई बात बीते दिनन की बिखरे सपन सारे, विधना से हम हारे अँसुओं में डूबी हैं पलकें नयन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की जियरा के दो टूक, गई प्रेरणा रूठ घुट-घुट गई सूख सरिता सुरन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की … … Continue reading

१९६२ – प्रोफ़ेसर – मैं चली मैं चली पीछे-पीछे जहाँ | 1962 – Professor – main chali main chali peechhe peechhe jahan

मैं चली मैं चली, पीछे-पीछे जहाँ ये न पूछो किधर, ये न पूछो कहाँ सजदे में हुस्न के झुक गया आसमाँ लो शुरु हो गई, प्यार की दास्ताँ मैं चली मैं चली जाओ जहाँ कहीं आँखों से दूर, दिल से न जाओगे मेरे हुज़ूर जादू फ़िज़ाओं का छाया सुरूर, ऐसे में बहके तो किसका क़ुसूर … Continue reading