हँसें टिम-टिम-टिम छोटे-छोटे तारे कहे चंदा भी आ जा, आ जा, आ रे तेरा नाम ले पुकारे तुझे नींद की परी सो जा, सो जा रे मेरे प्यारे, सो जा, सो जा रे मेरे प्यारे बगिया में सोए जैसे गेंदा-गुलाब, सोएगा लाल मेरी गोदी में सागर में सीप जैसे मंदिर में दीप, मेरा गोपाल मेरी … Continue reading
प्रीत निभानी, बालमा, तुम क्या जानो साजना, तुम क्या जानो डाली-डाली कोयल काली गीत गाए काहे ऐसे में चंचल दिल मचल जाए रुत है सुहानी, बालमा बालमा, तुम क्या जानो, साजना, तुम क्या जानो प्रीत निभानी, बालमा, तुम क्या जानो साजना, तुम क्या जानो घिरे बदरी, रैन कजरी डरा जाए अकेलापन मुझपे बिजली गिरा जाए … Continue reading
आजा आजा आजा नदियाकिनारे, तारों की छैंया तोहे कबसे पुकारे तेरे मन को मन का मीत मिला, तेरे भाग से बढ़कर भाग नहीं कल तक डर था इन आहों से, लग जाए ना जग में आग कहीं आजा आजा आजा … हँसकर ये सुहानी रात कहे, हर शाम के वादे पूरे कर दिल ने तेरे … Continue reading
नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे बाजे रे, मन-मृदंग बाजे धड़कते दिल का गीत, मेरी प्रीत नाचे रे नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे सारे जग पे जो छाए तूफ़ान हैं जिनसे काँपे आज सातों आसमान हैं ये तो मेरे अरमानों के उठान हैं सलोने ये तो मेरे अरमानों के उठान हैं नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे … उस पार … Continue reading
चले सिपाही धूल उड़ाते, कहाँ किधर कोई क्या जाने कोई कहे ये जलते दीपक, कोई कहे ये परवाने चले सिपाही जीवन की ये अँधी आँधी अपनी राह न देखे किस झोंके में उजड़ जाएगी किसकी चाह, न देखे चले सिपाही धूल उड़ाते, कहाँ किधर कोई क्या जाने चले सिपाही बढ़ते क़दम जहाँ ले जाएँ, तेरा … Continue reading
प्यारे बाबुल से बिछड़के, घर का आँगन सूना करके गोरी कहाँ चली, घूँघट में चाँद छुपाए सुनो कहती है शहनाई, गोरी हो गई पराई चंचल घोड़े पे सवार, लेने साजना आए सूने महल उदास अटारी, रूठी-रूठी-सी फुलवारी दिल में तड़प चेहरे पे हँसी है, हाय लगी ये कैसी कटारी बाबुल काहे को छुपाए, दर्द होंठों … Continue reading
कहाँ से मिलते मोती, आँसू हैं मेरी तक़्दीर में बदल दूँ कैसे ऐ दिल, लिखा है जो उस बेपीर ने कहाँ से मिलते मोती जिसकी माँग रह गई सूनी, ज़हर है उसका जीना बिन साजन की नारी जैसे बिना तार की बीना लगा दी आग किसीने, मेरे पाँव बाँध ज़ंजीर में कहाँ से मिलते मोती, … Continue reading
आ गई लो आ गई मैं झूमती अँखियों से अँखियों को चूमती, चूमती आ गई लो आ गई मैं झूमती तुमने बुलाया, चली आई मैं प्यार जताया, ललचाई मैं नैन मिले तो घबराई मैं आ गई लो आ गई मैं झूमती … ऐसे न देखो, शरमाऊँगी फिर कहीं जाके छुप जाऊँगी लाख बुलाओ, नहीं आऊँगी … Continue reading
मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए टूटे हुए खिलौनों से प्यार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए बनाके ज़िंदगानियाँ बिगाड़ने से क्या मिला मेरी उम्मीद का जहाँ उजाड़ने से क्या मिला आई थी दो दिनों की ये बहार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए ज़रा-सी धूल को हज़ार रूप नाम दे दिए ज़रा-सी … Continue reading
दो दिन की ज़िंदगी में दुखड़े हैं बेशुमार दुखड़े हैं बेशुमार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार उभरेंगे फिर सितारे, चमकेगा फिर से चाँद चमकेगा फिर से चाँद उजड़े हुए चमन में आएगी फिर बहार आएगी फिर बहार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार है धूप कहीं … Continue reading