मेरा बचपन वापस आया, बलैयां लूँ मैं बार-बार हो गल-बैय्यां डार मुस्काया, बलैयां लूँ मैं बार-बार, हो अपना सबकुछ देके, लाल मैं तेरी ख़ैर मनाऊँ नज़र ना लागे दुनिया की, तुझे पलकों में मैं छुपाऊँ मेरी गोदी में सब जग आया, बलैयां लूँ मैं बार-बार, हो तू में दिन का सूरज, रात को चँदा की … Continue reading
तू माने या न माने, बलम अनजाने बेदर्द तेरे लिए नाचे मेरी ज़िंदगी नाचे मेरी ज़िंदगी जब भी हो तेरा-मेरा सामना मुश्किल हो जाए दिल को थामना तू माने या न माने … मेरा तन-मन घेरे खड़े हो फिर क्यूँ नज़रें फेरे खड़े हो तू माने या न माने … ले चले कहाँ दिल को … Continue reading
प्यार कर ले, नहीं तो फाँसी चढ़ जाएगा यार कर ले, नहीं तो यूँ-ही मर जाएगा प्यार कर ले जीते-हारे सैंकडों, तीर से तलवार से मेरे साथ मुस्कुरा, दिल को जीत प्यार से विचार कर ले, नहीं तो पीछे पछताएगा प्यार कर ले … चोरी करी, चोर बना, रोज़ नई घात है आज तेरी ज़िंदगी … Continue reading
हाय तू ही गया मोहे भूल रे मैं हूँ तेरे जीवन की रागिनी हाय तू ही गया मोहे भूल रे तेरे नग़्मे तारे बनकर चमके सबके प्यारे बनकर हाय तू ही गया … फिर से ऐसा राग सुना रे झूम उठें ये ग़म के मारे हाय तू ही गया … haay tuu hii gayaa mohe … Continue reading
अर्ज़ है आपसे, आपसे, और आपसे भी भेद की बात है, अपनों से कही जाती है बालम आएगा, आएगा चिट्ठी आई, ऐतवार की शाम तलक आ जाएगा, आएगा चाहे ग़ैरों को इसका यक़ीं हो न हो मेरा दिल कह रहा था कि आएँगे वो पहली-पहली मुलाक़ात की वो क़सम भूलकर भी नहीं भूल पाएँगे वो … Continue reading
चलो ले चलूँ मैं तारों में रंग-रंगीले गुलज़ारों में चाँद से उतरी प्यार की पुतली, मैं तुम्हारी गुलबदन बिखरे सपने, खोए नग़्मे, लाई तुम्हारी गुलबदन चलो ले चलूँ मैं तारों में रंग-रंगीले गुलज़ारों में ना ऐसे ग़म हैं, ना ये सितम हैं, नीलम के उस देश में सब के साथ प्यार की बात होती है … Continue reading
ना बुरे ना भले, हम ग़रीब ग़म के पले तुम क्या जानो हस्ती हमारी, राजा, तुम क्या जानो हस्ती हमारी लाडली ज़िंदगी अपने आँसुओं में ढली तुम क्या जानो ना बुरे ना भले, हम ग़रीब ग़म के पले तुम क्या जानो हस्ती हमारी, राजा, तुम क्या जानो हस्ती हमारी हमारी भी गली में मुस्कुराए चाँदनी … Continue reading
क़िस्मत का खेल है जनाब-ए-आली आपके पास हैं मोती-ख़ज़ाने और अपनी जेब ख़ाली, जेब ख़ाली, जेब ख़ाली निकले बाज़ार से वो मुस्कुराते, बढ़के हर चीज़ पे बोली लगाते हमने गर्दन झुका ली, हाँ झुका ली, लो झुका ली क़िस्मत का खेल है जनाब-ए-आली हमको भी ढूँढ़ती क़िस्मत हमारे घर पे आई लेकिन हम सोए थे … Continue reading
ओ बेदर्दी, आ मिल जल्दी, मिलने के दिन आए कि तेरे बिन अब तो रहा न जाए कारी कोयलिया सुन मेरे छलिया, डार-डार चिल्लए कि तेरे बिन अब तो रहा न जाए, कि तेरे बिन अब तो रहा न जाए फागुन बीता चैत चढ़ गया, घर-घर बजे बधाए डोली लेके हर प्यारी के प्यारे साजन … Continue reading
अहा रे मगन मेरा चंचल मन निसदिन गुनगुन कुछ अपनी ही धुन में गाए पग पायल बाजे रुनझुन-झुन सजना मेरे सुन, अब तुझबिन रहा नहीं जाए जब से दिल में तू आया है, एक जादू-सा मुझपे छाया है एक लहर-सी आई है, तेरे गीतों में दिल लहराया है मेरे घर में चँदा उतर आया है … Continue reading