दे दिया तो ले-ले दिल, यूँ नहीं तो छुपके मिल तू हमारा हो जा या अपना हमें बना अब ना जी दुखा, किसीकी जान से ना खेल रे अनाड़ी दे दिया तो ले-ले दिल, यूँ नहीं तो छुपके मिल अनाड़ी अनाड़ी अनाड़ी रे झुक पड़ी हैं मस्त बादलों की टोलियाँ पी कहाँ पी कहाँ, पपीहे … Continue reading
मुन्ना बड़ा प्यारा, अम्मी का दुलारा कोई कहे चाँद, कोई आँख का तारा हँसे तो भला लगे, रोए तो भला लगे अम्मी को उसके बिना कुछ भी अच्छा न लगे जियो मेरे लाल, जियो मेरे लाल तुमको लगे मेरी उमर, जियो मेरे लाल मुन्ना बड़ा प्यारा, अम्मी का दुलारा कोई कहे चाँद, कोई आँख का … Continue reading
हरि के गुण गा, मन रे, हरि के गुण गा उन संग प्रीत लगा, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अहल्या तर गई, भवसागर के पार उतर गई सन्मुख शीश झुका, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अमर भई मीरा, नाम उजागर कर गई मीरा लौ उनसे … Continue reading
ज़ाहिद शराब पीने दे, मस्जिद में बैठकर या वो जगह बता दे जहाँपर ख़ुदा न हो मुझको यारो माफ़ करना, मैं नशे में हूँ अब तो मुमकिन है बहकना, मैं नशे में हूँ मुझको यारो माफ़ करना, मैं नशे में हूँ कल की यादें मिट रही हैं, दर्द भी है कम अब ज़रा आराम से … Continue reading
मैं तो चलूँ पश्चिम, पूरब चले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया जबसे किसीको बसाया है दिल में हलचल है ग़ैरों की हर महफ़िल में मेरे घर चँदा, सूरज तले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया मैं तो चलूँ पश्चिम … सपनों में वो जबसे आने लगे हैं शाम-ओ-सहर मुस्कुराने लगे हैं मेरी … Continue reading
नज़र-नज़र से हो रही है बात प्यार की मचल-मचल रही है रात ये बहार की घड़ी नहीं ये सब्र की न इंतज़ार की मचल-मचल रही है रात ये बहार की बहक चले, लहक चले दिल के ये अरमाँ इधर भी हैं उधर भी हैं एक-से तूफ़ाँ ये रात प्यार की, दिलों के हार की नज़र-नज़र … Continue reading
तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना मुश्किल है प्यार छुपाना, तंदाना तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना प्रीत नई दर्द पुराना, तंदाना तू कहीं और का, मैं कहीं और की भँवरा कहीं और का, कली कहीं और की फिर भी हैं मिलने के लाख बहाने तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना नैना चुराके न जाना, तंदाना मौसम बहार का एक बार … Continue reading
ये बरखा बहार सौतनिया के द्वार न जा मोरे साँवरे पिया न जा मोरे साँवरे पिया अँधेरी रात, घटाओं से दर्द बरसेगा तेरे बिना जलेगी सेज, प्यार तरसेगा मैं रो-रो मरूँ, तोरे पैंया पड़ूँ न जा मोरे साँवरे पिया ये बरखा बहार … तेरे बग़ैर क्या मज़ा है ज़िंदगानी में न जाओ बेरहम, लगाके आग … Continue reading
टूटे हुए ख़्वाबों ने, हमको ये सिखाया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया है टूटे हुए ख़्वाबों ने हम ढूँढ़ते हैं उनको, जो मिलके नहीं मिलते रूठे हैं न जाने क्यूँ, मेहमाँ वो मेरे दिल के क्या अपनी तमन्ना थी, क्या सामने आया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया … Continue reading
जंगल में मोर नाचा, किसीने ना देखा हम जो थोड़ी-सी पीके ज़रा झूमे, हाय रे सब ने देखा जंगल में मोर नाचा, किसीने ना देखा गोरी की गोल-गोल अँखियाँ शराबी कर चुकी हैं कैसे-कैसों की ख़राबी इनका ये ज़ोर-ज़ुल्म किसीने ना देखा हम जो थोड़ी-सी पीके ज़रा झूमे, हाय रे सब ने देखा जंगल में … Continue reading