Songs of Shailendra::
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1950s

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१९५४ – नौकरी – मन रे न ग़म कर | 1954 – Naukri – man re na gham kar

ओ मन रे, ना ग़म कर ये आँसू बनेंगे सितारे, जुदाई में दिल के सहारे बिछड़के भी हमसे जहाँ भी रहें वो, रहेंगे हमारे ओ मन रे, ना ग़म कर ये आँसू बनेंगे सितारे, जुदाई में दिल के सहारे जिधर से वो जाएँ आकाश पैरों में कलियाँ बिछा दे जहाँ रात हो कोई चुपके-से राहों … Continue reading

१९५४ – नौकरी – झूमे रे कली, भँवरा उलझ गया | 1954 – Naukri – jhoome re kali, bhanwra ulajh gaya

झूमे रे कली, भँवरा उलझ गया काँटों में बन-बन ढूँढ़े पवन शराबी गगन कहे, चुपके-से फूल खिला काँटों में झूमे रे कली, भँवरा उलझ गया काँटों में साँझ-सवेरे दिल को घेरे, कौन ये मुझपे जादू फेरे सब समझावें प्रीत बुरी है लगन कहे, जीवन का चैन छुपा काँटों में झूमे रे कली, भँवरा उलझ गया … Continue reading

१९५४ – नौकरी – छोटा-सा घर होगा | 1954 – Naukri – chhota sa ghar hoga

छोटा-सा घर होगा बादलों की छाँव में आशा दीवानी मन में बँसुरी बजाए हम ही हम चमकेंगे तारों के उस गाँव में आँखों की रौशनी हरदम ये समझाए चाँदी की कुर्सी पे बैठे मेरी छोटी बहना सोने के सिंघासन पे बैठे मेरी प्यारी माँ मेरा क्या मैं पड़ा रहूँगा अम्मीजी के पाँव में आ आ … Continue reading

१९५२ – नौबहार – उनके बुलावे पे डोले मेरा दिल | 1952 – Nau Bahar – unke bulawe pe dole mera dil

उनके बुलावे पे डोले मेरा दिल जाऊँ तो मुश्किल, न जाऊँ तो मुश्किल मन में हैं मेरे सौ-सौ बतियाँ बोलूँ तो मुश्किल, छुपाऊँ तो मुश्किल जाऊँ तो मुश्किल, न जाऊँ तो मुश्किल उनके बुलावे पे डोले मेरा दिल बचपन जवानी जो मिलने लगे हैं, मौसम बिना फूल खिलने लगे हैं छेड़ी किसीने मेरे मन की … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – लागी नाही छूटे राम चाहे जिया जाए | 1958 – Musafir – laagi naahi chhute raam, chaahe jiya jaye

लागी नाही छूटे राम, चाहे जिया जाए मन अपनी मस्ती का जोगी, कौन इसे समझाए कौन इसे समझाए, रामा लागी नाही छूटे रामा, चाहे जिया जाए तारों में मुस्कान है तेरी, चाँद तेरी परछाँईं उतने गीत हैं जितनी रातें हमने साथ बिताईं कैसे बोलूँ रे साँवरिया, करूँ मैं कौन उपाय चाहे जिया जाए रिमझिम-रिमझिम बुँदियाँ … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – एक आए एक जाए मुसाफ़िर | 1958 – Musafir – ek aaye ek jaye musafir

एक आए, एक जाए मुसाफ़िर, दुनिया एक सराए रे एक आए, एक जाए मुसाफ़िर अलबेले अरमानों के तूफ़ान लेकर आए नादन सौ बरस के सामान लेकर आए और धूल उड़ाता चला जाए एक आए, एक जाए मुसाफ़िर, दुनिया एक सराए रे एक आए, एक जाए मुसाफ़िर दिल की ज़ुबाँ अपनी है, दिल की नज़र भी … Continue reading

१९५९ – नई राहें – कल के चाँद आज के सपने | 1959 – Nai Raahen – kal ke chand aaj ke sapne

कल के चाँद, आज के सपने, तुमको प्यार, बहुत-सा प्यार लाल, तुम्हारे-ही दम से कल जगमग होगा ये संसार कल के चाँद, आज के सपने, तुमको प्यार, बहुत-सा प्यार आँखमिचौली खेलेगा कल तुमसे आँगन मेरा संग तुम्हारे लौट आएगा रूठा बचपन मेरा अब तुतलाकर बात करेंगे ये दरवाज़े ये दीवार लाल, तुम्हारे-ही दम से कल … Continue reading

१९५२ – नौबहार – देखो जी मेरा जिया चुराए लिए जाए | 1952 – Nau Bahar – dekho ji mera jiya churaye liye jaye

देखोजी मेरा जिया चुराए लिए जाए नाम ना जानूँ, धाम ना जानूँ क्या होगा अंजाम ना जानूँ मन पंछी घबराए ए री, मेरा जिया चुराए लिए जाए देखोजी मेरा जिया चुराए लिए जाए नैन कहें हमने धन पाया मन कोसे, मोहे किया पराया प्रीत ठुमक मुस्काए ए री, मेरा जिया चुराए लिए जाए देखोजी मेरा … Continue reading

१९५२ – नौबहार – कजरारी मतवारी मदभरी दो अँखियाँ | 1952 – Nau Bahar – kajarari matawari madbhari do ankhiyan

कजरारी मतवारी मदभरी दो अँखियाँ, पिया तोरी दो अँखियाँ पिया तोरी इन अँखियन में बैठके मैंने देखी सब दुनिया पिया तोरी दो अँखियाँ कजरारी मतवारी मदभरी दो अँखियाँ, पिया तोरी दो अँखियाँ जैसे नीलकमल की कलियाँ, जैसे भँवर मतवारे प्रीत की अनजानी नगरी के दो अनजाने द्वारे रंग-रस की गलियाँ, पिया तोरी मतवारी मदभरी दो … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – मुन्ना बड़ा प्यारा अम्मी का दुलारा | 1958 – Musafir – munna bada pyara ammi ka dulara

मुन्ना बड़ा प्यारा, अम्मी का दुलारा कोई कहे चाँद, कोई आँख का तारा हँसे तो भला लगे, रोए तो भला लगे अम्मी को उसके बिना कुछ भी अच्छा न लगे जियो मेरे लाल, जियो मेरे लाल तुमको लगे मेरी उमर, जियो मेरे लाल मुन्ना बड़ा प्यारा, अम्मी का दुलारा कोई कहे चाँद, कोई आँख का … Continue reading