Songs of Shailendra::
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१९६६ – तीसरी क़सम – सजनवा बैरी हो गए हमार | 1966 – Teesri Kasam – sajanwa bairi ho gaye hamar

सजनवा बैरी हो गए हमार चिठिया हो तो हर कोई बाँचे, भाग ना बाँचे कोय करमवा बैरी हो गए हमार जाए बसे परदेस सजनवा सौतन के, भरमाए ना संदेस न कोई ख़बरिया, रुत आए रुत जाए डूब गए हम बीच भंवर में करके सोलह पार सजनवा बैरी हो गए हमार सूनी सेज गोद मोरी सूनी, … Continue reading

१९५७ – एक गाँव की कहानी – झूमे रे नीला अंबर झूमे | 1957 – Ek Gaon Ki Kahani – 1957 – Ek Gaon Ki Kahani –

झूमे रे नीला अम्बर झूमे, धरती को चूमे रे तुझको याद करके, मेरा दिल भी झूमे मेरा दिल भी झूमे किसके इशारे मुझको यहाँ ले आए किसकी हँसी ने राह में फूल खिलाए अम्बुवा की डाली-डाली गाए कोयल काली मेरा दिल भी झूमे, मेरा दिल भी झूमे ऐसे में जो मिलता बाँहों को सहारा और … Continue reading

१९६७ – दीवाना – तुम्हारी भी जय-जय हमारी भी जय-जय | 1967 – Diwana – tumhari bhi jay jay, hamari bhi jay jay

तुम्हारी भी जय-जय, हमारी भी जय-जय न तुम हारे, न हम हारे सफ़र साथ जितना था, हो ही गया तय न तुम हारे, न हम हारे तुम्हारी भी जय-जय, हमारी भी जय-जय याद के फूल को हम तो, अपने दिल से रहेंगे लगाए और तुम भी हँस लेना जब ये दीवाना याद आए मिलेंगे जो … Continue reading

१९६६ – तीसरी क़सम – लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया | 1966 – Teesri Kasam – lali lali doliya mein lali re dulhaniya

लाली-लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया पिया की पियारी भोली-भाली रे दुल्हनिया मीठे बैन, तीखे नैनोंवाली रे दुल्हनिया पिया की पियारी भोली-भाली रे दुल्हनिया लौटेगी जो गोदी भर, हमें ना भुलाना लड्डू-पेड़े लाना, अपने हाथों से खिलाना तेरी सब रातें हों दीवाली रे दुल्हनिया लाली-लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया पिया की पियारी भोली-भाली रे … Continue reading

१९६० – एक फूल चार काँटे – ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल | 1960 – Ek Phool Char Kaante – o o o meri babydoll

ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल हाँ या ना, अरे कुछ तो बोल दिल की बात, मेरे दिल की बात, मेरे दिल की बात सुन जा ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल … एक नज़र ने तेरी मार दिया एक अदा ने तेरी लूट लिया किस ख़ता का बदला लिया ये बता न सता, ये बता न … Continue reading

१९५५ – श्री ४२० – दिल का हाल सुने दिलवाला | 1955 – Shree 420 – dil ka haal sune dilwala

दिल का हाल सुने दिलवाला सीधी-सी बात, न मिर्च-मसाला कहके रहेगा कहनेवाला दिल का हाल सुने दिलवाला छोटे-से घर में ग़रीब का बेटा मैं भी हूँ माँ के नसीब का बेटा रंज-ओ-ग़म बचपन के साथी आँधियों में जली जीवनबाती धूप ने है बड़े प्यार से पाला दिल का हाल सुने दिलवाला … हाय करूँ क्या … Continue reading

१९५५ – श्री ४२० – मेरा जूता है जापानी १ | 1955 – Shree 420 – mera joota hai japani

मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिस्तानी सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी मेरा जूता है जापानी निकल पड़े हैं खुल्ली सड़क पर, अपना सीना ताने मंज़िल कहाँ, कहाँ रुकना है, उपरवाला जाने बढ़ते जाएँ हम सैलानी, जैसे एक दरिया तूफ़ानी सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी … Continue reading

१९५५ – श्री ४२० – प्यार हुआ इक़रार हुआ है | 1955 – Shree 420 – pyar hua iqrar hua hai

प्यार हुआ इक़रार हुआ है, प्यार से फिर क्यूँ डरता है दिल कहता है दिल, रस्ता मुश्किल, मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल प्यार हुआ इक़रार हुआ है, प्यार से फिर क्यूँ डरता है दिल कहो कि अपनी प्रीत का गीत न बदलेगा कभी तुम भी कहो इस राह का मीत न बदलेगा कभी प्यार जो … Continue reading

१९५५ – श्री ४२० – रमैया वस्तावैया | 1955 – Shree 420 – ramaiyya vastavaiyya

रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया मैंने दिल तुझको दिया, मैंने दिल तुझको दिया ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया नैनों में थी प्यार की रौशनी तेरी आँखों में ये दुनियादारी न थी तू और था, तेरा दिल और था तेरे मन में ये मीठी कटारी न थी मैं जो दुख पाऊँ तो क्या, आज पछताऊँ तो क्या … Continue reading

१९६१ – ससुराल – सता ले ऐ जहाँ | 1961 – Sasural – sata le ae jahan

सता ले ऐ जहाँ, न खोलेंगे ज़ुबाँ सितम तेरे कभी तो बेअसर हो जाएँगे पुकारो लाख तुम, न फिर लौटेंगे हम कि हम भी राह की इस धूल में खो जाएँगे सता ले ऐ जहाँ जलन दिल की तो कहती है, कि मैं उठ जाऊँ महफ़िल से मगर उम्मीद दामन को मेरे छोड़ेगी मुश्किल से … Continue reading