Songs of Shailendra::
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१९६२ – हाफ़ टिकट – अरे वाह मेरे मालिक | 1962 – Half Ticket – are waah mere maalik

अरे वाह मेरे मालिक, ख़ूब हैं तेरे खेल पागल सारे छुट्टे घूमें, समझदार को जेल अरे वाह रे मालिक, अरे अरे जूते को पगड़ी, पगड़ी को जूता, चदरी को गमछा, सर को पैर बताएँ ये आँख के अँधे कमलनयन कहलाएँ तन बिन कपड़ा, कपड़ा बिन तन, धड़कन बिन दिल, दिल बिन धड़कन पहले बुढ़ापा, बाद … Continue reading

१९६२ – हाफ़ टिकट – चील चिलचिल्लाके कजरी सुनाए | 1962 – Half Ticket – cheel chilchillake kajari sunaye

आ रहे थे इश्कूल से, रस्ते में हमने देखा एक खेल, सस्ते में क्या बेटा, क्या? चील चिलचिल्लाके कजरी सुनाए झूम-झूम कौवा भी ढोलक बजाए अरे वाह वाह वाह, अरे वाह वाह वाह छुक-छुक-छुक चली जाती है रेल छुप-छुप-छुप तोता-मैना का मेल प्यार की पकौड़ी, मीठी बातों की भेल थोड़ा नून, थोड़ी मिर्च, थोड़ी सूँठ, … Continue reading

१९५२ – परबत – क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या | 1952 – Parbat – kya bataoon mohabbat hai kya

क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या सीने में रह-रहके दर्द उठ रहा है, मगर आ रहा है मज़ा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या मौसम तो हरदम बदलते रहे हैं अरमान दिल के मचलते रहे हैं क्या बात है, छूके आँचल मेरा भाग जाती है पागल हवा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या पहले-भी तूफ़ान आते रहे हैं … Continue reading

१९५२ – परबत – मीठी-मीठी बातों से | 1952 – Parbat – meethi meethi baaton se

मीठी-मीठी बातों से, भोली-भाली घातों से दिल मेरा अकेले में लूट लिया, हाय राम दूर से उन्होंने किए ऐसे कुछ इशारे मैं तो गड़ गई ज़मीन में शरम के मारे दिल में कोई चीज़ चुभी, मैं निकालने में लगी ऐसे झमेले में लूट लिया, हाय राम मीठी-मीठी बातों से, भोली-भाली घातों से दिल मेरा अकेले … Continue reading

१९६२ – रंगोली – छोटी-सी ये दुनिया | 1962 – Rungoli – chhoti si ye duniya

छोटी-सी ये दुनिया, पहचाने रास्ते हैं तुम कहीं तो मिलोगे, कभी तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल छोटी-सी ये दुनिया हम तो ये समझेंगे हमने एक पत्थर को पूजा लेकिन तुमको अपने जैसा नहीं मिलेगा दूजा छोटी-सी ये दुनिया … सीखा नहीं हमारे दिल ने, प्यार में धीरज खोना आग में जलके भी जो निखरे, है … Continue reading

१९६२ – रंगोली – छोटी-सी ये दुनिया पहचाने रास्ते | 1962 – Rungoli – chhoti si ye duniya pehchane raaste

छोटी-सी ये दुनिया, पहचाने रास्ते हैं तुम कभी तो मिलोगे, कहीं तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल छोटी-सी ये दुनिया सीखा नहीं हमारे दिल ने, प्यार में धीरज खोना आग में जलके भी जो निखरे, वही है सच्चा सोना छोटी-सी ये दुनिया … मेरा पहला प्यार, आख़री भी है इस जीवन का एक बार होता है … Continue reading

१९६२ – रंगोली – एक नज़र किसीने देखा | 1962 – Rungoli – ek nazar kisine dekha

एक नज़र किसीने देखा, और दिल हुआ दीवाना है बात बस इतनी-सी, और बन गया अफ़्साना चोरी-चोरी बगिया में आई जो बहार कलियों की अँखियों से छलका ख़ुमार छुप-छुप किसीसे नज़र हुई चार कोई दिल जीत गया, कोई गया हार मन मेरे झूम, तारों को चूम, आया तेरा ज़माना एक नज़र किसीने देखा … बाजे … Continue reading

१९६२ – रंगोली – हम-तुम ये खोई-खोई राहें | 1962 – Rungoli – hum tum ye khoyi khoyi raahein

हम-तुम, ये खोई-खोई राहें, चंचल इशारों से बुलाएँ आजा, तू आजा कहीं जाएँ, मौसम है प्यार का ले चल, बहारों ने पुकारा है, चंचल इशारों ने पुकारा है झूमते नज़ारों ने पुकारा है, मौसम है प्यार का हम-तुम, ये खोई-खोई राहें … दिल की हर एक धड़कन नग़मा बनती जाए मेरा सपना मेरी बाँहों में … Continue reading

१९६२ – रंगोली – जाओ-जाओ नंद के लाला | 1962 – Rungoli – jao jao nand ke lala

जाओ, जाओ, नंद के लाला, तुम झूठे तुमसे ना बोलूँगी छोड़ो, छोड़ो मोरी बैंया, तुम झूठे तुमसे ना बोलूँगी कैसा तिलक, कहाँ की माला तन काला तेरा, मन भी काला रहने भी दो, बहुत जादू डाला जाओ, जाओ, नंद के लाला … अनपढ़ राधा सबकुछ जाने तुम्हरी तो नस-नस पहचाने किसको आए मुरलिया सुनाने जाओ, … Continue reading

१९६२ – रंगोली – सागर पे आज मौजों का राज | 1962 – Rungoli – sagar pe aaj maujon ka raaj

सागर पे आज मौजों का राज, बेचैन है नज़ारा शायद वो आएँ, शायद वो आएँ, दिल ने जिन्हें पुकारा सागर पे आज … झूम-झूम दे-दे ताली, नाचूँ मैं तो मतवाली बस में नहीं मेरा दिल छुप-छुप चोरी-चोरी, रहे तेरी मेरी जोड़ी अब तो बेदर्दी मिल सागर पे आज … सागर के किनारे जाऊँ, तुझको पुकारे … Continue reading