Songs of Shailendra::
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१९५८ – मधुमती – सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं | 1958 – Madhumati – suhana safar aur ye mausam haseen

सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं हमें डर है हम खो न जाएँ कहीं सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं ये कौन हँसता है फूलों में छुपकर बहार बेचैन है किसकी धुन पर कहीं गुनगुन, कहीं रुनझुन, कि जैसे नाचे ज़मीं सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं … ये गोरी नदियों का चलना उछलकर कि … Continue reading

१९५८ – मधुमती – हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे | 1958 – Madhumati – hum haal-e-dil sunayenge

तुम्हारा दिल मेरे दिल के बराबर हो नहीं सकता वो शीशा हो नहीं सकता, ये पत्थर हो नहीं सकता हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे, सुनिए कि न सुनिए सौ बार इसे दोहराएँगे, सुनिए कि न सुनिए हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे रहेगा इश्क़ तेरा ख़ाक में मिलाके मुझे हुए हैं इब्तिदा में रंज इंतेहा के मुझे हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे … Continue reading

१९६० – मासूम – नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए | 1960 – Maasoom – nani teri morni ko mor le gaye

नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए बाक़ी जो बचा था, काले चोर ले गए खाके-पीके मोटे होके चोर बैठे रेल में चोरोंवाला डब्बा कटके पहुँचा सीधा जेल में नानी तेरी मोरनी को … उन चोरों की ख़ूब ख़बर ली मोटे थानेदार ने मोरों को भी ख़ूब नचाया जंगल की सरकार ने नानी तेरी मोरनी … Continue reading

१९६७ – लाट साहब – सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे | 1967 – Laat Saheb – sawerewali gadi se chale jayenge

सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे, सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे ये मेला दो घड़ी का, दो दिनों की है बहार समय की बहती धार कहती जाती है पुकार मेहमान कब रुके हैं कैसे रोके जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली … Continue reading

१९६६ – लव इन टोकियो – कोई मतवाला आया मेरे द्वारे | 1966 – Love In Tokyo – koi matwala aaya mere dware

कोई मतवाला आया मेरे द्वारे अँखियों से कर गया अजब इशारे कोई मतवाला आया मेरे द्वारे क्या मन उसके मैं क्या जानूँ छलिया को मैं क्या पहचानूँ जाने क्यूँ मेरा नाम पुकारे कोई मतवाला आया … जबसे गया है भोला बचपन नैना चंचल, नटखट है मन अब नहीं कुछ भी बस में हमारे कोई मतवाला … Continue reading

१९५९ – लव मैरिज – क़रीब आओ न तड़पाओ | 1959 – Love Marriage – qareeb aao na tadpao

क़रीब आओ, न तड़पाओ हमें कहना है कुछ तुमसे, तुम्हारे कानों में क़रीब आओ ग़म-ए-फ़ुर्क़त से हमें फ़ुर्सत है, मेरी क़िस्मत है कि आए तुम कुछ भी न लाए तो भी क्या ग़म है, यही क्या कम है कि आए तुम क़रीब आओ … झूमेगा ज़माना मेरी छम-छम पे, आज मौसम पे जवानी है तेरी … Continue reading

१९५९ – लव मैरिज – टीन-कनस्तर पीट-पीटकर गला फाड़कर | 1959 – Love Marriage – teen kanasta peet peetkar

टीन-कनस्तर पीट-पीटकर, गला फाड़कर चिल्लाना यार मेरे, मत बुरा मान, ये गाना है न बजाना है टीन-कनस्तर नाच के बदले कमर नचाना, उछलके सर्कस दिखलाना भूल है तेरी, तू समझा है दुनिया पागलख़ाना है टीन-कनस्तर उधर से लेकर इधर जमाकर, कब तक काम चलाओगे किसका रहा ज़माना, एक दिन महफ़िल से उठ जाओगे नक़ल का … Continue reading

१९५३ – माशूक़ा – मासूम दिल की हाँ पे न कह दिया | 1953 – Maashuqa – masoom dil ki haan pe na keh diya

ज़मीं भी चुप, आसमाँ भी चुप है किसीकी दुनिया उजड़ रही है बता ऐ मालिक, ये कैसी क़िस्मत जो बनते-बनते बिगड़ रही है मासूम दिल की हाँ पे ना कह दिया किसीने और बस इसी बहाने, ग़म दे दिया किसीने बाद-ए-सबा जो आई, और फूल मुस्कुराए सहलाके ज़ख़्म मेरे, बहला दिया किसीने और बस इसी … Continue reading

१९५९ – लव मैरिज – दिल से दिल टकराए फिर दोनों घबराए | 1959 – Love Marriage – dil se dil takraye, phir donon ghabraye

दिल से दिल टकराए, फिर दोनों घबराए सब्र की डोरी टूट गई तो लव मैरिज कर लाए, लव मैरिज कर लाए वो उत्तर के पँछी थे, और वो दक्खिन की मैना एक रोज़ एक बाग़ में, यूँही लड़ गए नैना दिल देके घर आए, घर आके पछताए सब्र की डोरी टूट गई तो लव मैरिज … Continue reading

१९५३ – माशूक़ा – आओ श्यामसुंदर अब तो शाम हो चली | 1953 – Maashuqa – aao shyamsundar ab to shaam ho chali

एक आस एक आसरा है तेरे नाम का आसरा है श्याम का एक दीप तेरा ये जहाँ, जहाँ मेरा और कोई नहीं टूट गईं डोर सभी, एक आस बाक़ी रही, श्याम से मिलन की आओ श्यामसुंदर, अब तो शाम हो चली जीवन की मोरे नैन झरे, नैना रोवें जैसे घटा सावन की आओ श्यामसुंदर, अब … Continue reading