Songs of Shailendra::
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१९५२ – संस्कार – जीनेवाले ओ मतवाले ज़िंदगी से प्यार कर | 1952 – Sanskaar – jeenewale o matwale zindagi se pyar kar

जीनेवाले ओ मतवाले, ज़िंदगी से प्यार कर, प्यार कर यूँ न बैठ ज़िंदगी में ज़िंदगी से हार कर, प्यार कर जीनेवाले मूरख ना डर, देख अँधेरा होगा कभी तो सवेरा रंज-ओ-ग़म से ज़िंदगी के रूप का सिंगार कर, प्यार कर जीनेवाले ओ मतवाले, ज़िंदगी से प्यार कर, प्यार कर जीनेवाले जो दुख भी आए तो … Continue reading

१९५२ – संस्कार – अँधी क़िस्मत किसे ले चलेगी कहाँ | 1952 – Sanskaar – andhi qismat kise le chalegi kahan

अँधी क़िस्मत किसे ले चलेगी कहाँ, हाय, कोई जाने ना ग़म के हाथों किसे बेच देगी कहाँ, हाय, कोई जाने ना हाय, कोई जाने ना, किस गड़ी घेर ले ग़म की काली बदली किसके सर जाने कब फट पड़े आसमाँ, हाय, कोई जाने ना बचके चलते हैं सब, ज़िंदगी की डगर फिर भी मुश्किल हैं … Continue reading

१९५२ – संस्कार – हँसें टिम-टिम-टिम छोटे-छोटे तारे | 1952 – Sanskaar – hanse tim tim tim chhote chote tare

हँसें टिम-टिम-टिम छोटे-छोटे तारे कहे चंदा भी आ जा, आ जा, आ रे तेरा नाम ले पुकारे तुझे नींद की परी सो जा, सो जा रे मेरे प्यारे, सो जा, सो जा रे मेरे प्यारे बगिया में सोए जैसे गेंदा-गुलाब, सोएगा लाल मेरी गोदी में सागर में सीप जैसे मंदिर में दीप, मेरा गोपाल मेरी … Continue reading

१९५२ – संस्कार – प्रीत निभानी बालमा तुम क्या जानो | 1952 – Sanskaar – preet nibhani baalma tum kya jano

प्रीत निभानी, बालमा, तुम क्या जानो साजना, तुम क्या जानो डाली-डाली कोयल काली गीत गाए काहे ऐसे में चंचल दिल मचल जाए रुत है सुहानी, बालमा बालमा, तुम क्या जानो, साजना, तुम क्या जानो प्रीत निभानी, बालमा, तुम क्या जानो साजना, तुम क्या जानो घिरे बदरी, रैन कजरी डरा जाए अकेलापन मुझपे बिजली गिरा जाए … Continue reading

१९६१ – रूप की रानी चोरों का राजा – ऐसी ही है अगर मर्ज़ी तेरी | 1961 – Roop Ki Rani Choron Ka Raja – aisi hi agar marzi hai teri

ऐसी ही अगर मर्ज़ी है तेरी, अरमानों में आग लगा देंगे हम अपना आप मिटा देंगे ऐसी ही अगर मर्ज़ी है तेरी, तेरे प्यार में जान गँवा देंगे उनमें से नहीं हम ऐ हमदम, है जिनके लबोंपर झूठी क़सम इस दिल में बसे हो तुम ही तुम, हम चीरके दिल दिखला देंगे ऐसी ही अगर … Continue reading

१९६१ – रूप की रानी चोरों का राजा – जाओ ना सताओ रसिया | 1961 – Roop Ki Rani Choron Ka Raja – jao na satao rasiya

चाँद गया, तारे गए, गई मिलन की रात पाँव पड़ूँ, जाओ पिया, छोड़ो हमरा हाथ जाओ ना सताओ रसिया तुम संग जागी सारी रैना जाओ ना सताओ रसिया कभी दिल में बलखाऊँ मैं, घड़ीभर फिर पछताऊँ मैं कि छल गए तेरे मीठे बैना जाओ ना सताओ रसिया सजन मैं सोचूँ खड़ी-खड़ी, कहाँ मोरी बिंदिया जाए … Continue reading

१९६१ – रूप की रानी चोरों का राजा – तोमार-आमार प्रेमेरी जोवा | 1961 – Roop Ki Rani Choron Ka Raja – tomar aamar premeri jowa

तोमार-आमार प्रेम जोवा, उथाली-पाथाली रे, शीमा जाने ना कहाँ जाते हैं वो, कहाँ जाते हैं बहकी नज़र किसको ख़बर, प्यार के राही कहाँ जाते हैं नया सफ़र नई डगर, जाने क्यूँ क़दम डगमगाते हैं कहाँ जाते हैं वो, कहाँ जाते हैं तोमार-आमार प्रेम जोवा, उथाली-पाथाली रे, शीमा जाने ना मदभरी निगाह ने लूट लिया दिल … Continue reading

१९६१ – रूप की रानी चोरों का राजा – तुम तो दिल के तार छेड़कर | 1961 – Roop Ki Rani Choron Ka Raja – tum to dil ke taar chhedkar

तुम तो दिल के तार छेड़कर, हो गए बेख़बर चाँद के तले जलेंगे हम, ऐ सनम, रातभर तुम तो दिल के तार छेड़कर, हो गए बेख़बर तुमको नींद आएगी, तुम तो सो ही जाओगे किसका ले लिया है दिल, ये भी भूल जाओगे ये तो कह दो एक बार, ख़्वाब में तो आओगे तुम तो … Continue reading

१९६४ – संगम – ओ मेरे सनम | 1964 – Sangam – o mere sanam

ओ मेरे सनम, ओ मेरे सनम दो जिस्म मगर एक जान हैं हम, एक दिल के दो अरमान हैं हम ओ मेरे सनम, ओ मेरे सनम तन सौंप दिया, मन सौंप दिया, कुछ और तो मेरे पास नहीं जो तुमसे है मेरे हमदम, भगवान से भी वो आस नहीं जिस दिन से हुए एक दूजे … Continue reading

१९५६ – राज हठ – आजा आजा आजा नदिया किनारे | 1956 – Raj Hath – aa jaa aa jaa aa jaa nadiya kinare

आजा आजा आजा नदियाकिनारे, तारों की छैंया तोहे कबसे पुकारे तेरे मन को मन का मीत मिला, तेरे भाग से बढ़कर भाग नहीं कल तक डर था इन आहों से, लग जाए ना जग में आग कहीं आजा आजा आजा … हँसकर ये सुहानी रात कहे, हर शाम के वादे पूरे कर दिल ने तेरे … Continue reading