Songs of Shailendra::
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This category contains 265 posts

१९६२ – प्रोफ़ेसर – मैं चली मैं चली पीछे-पीछे जहाँ | 1962 – Professor – main chali main chali peechhe peechhe jahan

मैं चली मैं चली, पीछे-पीछे जहाँ ये न पूछो किधर, ये न पूछो कहाँ सजदे में हुस्न के झुक गया आसमाँ लो शुरु हो गई, प्यार की दास्ताँ मैं चली मैं चली जाओ जहाँ कहीं आँखों से दूर, दिल से न जाओगे मेरे हुज़ूर जादू फ़िज़ाओं का छाया सुरूर, ऐसे में बहके तो किसका क़ुसूर … Continue reading

१९६५ – पूनम की रात – सपनों में मेरे | 1965 – Poonam Ki Raat – sapnon mein mere

सपनों में मेरे कोई आए-जाए झलकी दिखाए और छुप जाए कुछ ना बोले देखो मेरा मन, हाय रे हाय, वो लेके चला जाए रे जाए सपनों में मेरे कोई आए-जाए मन के नगर में आया है कोई ख़ुशियाँ-ही-ख़ुशियाँ लाया है कोई वो मेरा दिल, हाय रे हाय, लुभाता चला जाए रे जाए सपनों में मेरे … Continue reading

१९५३ – पतिता – मिट्टी से खेलते हो बार-बार | 1953 – Patita – mitti se khelte ho baar baar kisliye

मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए टूटे हुए खिलौनों से प्यार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए बनाके ज़िंदगानियाँ बिगाड़ने से क्या मिला मेरी उम्मीद का जहाँ उजाड़ने से क्या मिला आई थी दो दिनों की ये बहार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए ज़रा-सी धूल को हज़ार रूप नाम दे दिए ज़रा-सी … Continue reading

१९५२ – पूनम – दो दिन की ज़िंदगी में | 1952 – Poonam – do din ki zindagi mein

दो दिन की ज़िंदगी में दुखड़े हैं बेशुमार दुखड़े हैं बेशुमार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार उभरेंगे फिर सितारे, चमकेगा फिर से चाँद चमकेगा फिर से चाँद उजड़े हुए चमन में आएगी फिर बहार आएगी फिर बहार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार है धूप कहीं … Continue reading

१९५२ – पूनम – झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी | 1952 – Poonam – jhummak jhummak chal mere haathi

झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी, चल मेरे हाथी दूल्हा बनके गुड्डा निकला, पीछे चलें बाराती झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी, चल मेरे हाथी जल्दी-जल्दी चल मेरे भाई, गुडिया का घर दूर है अपने संग एक बुड़्ढा बाबा चलने से मजबूर है गुडिया का घर दूर है, होय झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी … नीचे अपना दूल्हा राजा, ऊपर … Continue reading

१९६५ – पूनम की रात – साथी रे, तुझबिन जिया उदास रे | 1965 – Poonam Ki Raat – saathi re, tujh bin jiya udaas re

साथी रे, साथी रे तुझबिन जिया उदास रे, ये कैसी अनबुझ प्यास रे आजा, आ आ, आ आ, आ आ दोनों जहाँ से दूर यहाँ मैं भटक रही हूँ जाने कहाँ मैं साथी रे … ना मैं काया ना मैं छाया फिर क्यूँ डोले मन भरमाया साथी रे … प्यार की मैं अनबूझ कहानी कुछ … Continue reading

१९५२ – पूनम – दिन सुहाने, ये मौसम बहार का | 1952 – Poonam – din suhane ye mausam bahar ka

दिन सुहाने, ये मौसम बहार का दिल ये चाहे, मैं गाऊँ गीत प्यार का दिन सुहाने, ये मौसम बहार का ये धड़कन, ये मस्ती, ये हलचल ये जवानी पे ख़ुशियों का आँचल कहना क्या ज़िंदगी के सिंगार का मौसम बहार का दिन सुहाने, ये मौसम बहार का जी ये चाहे कि अपना हो कोई नींद … Continue reading

१९५६ – नई दिल्ली – गोरी तेरे सपनों के सजना | 1956 – New Delhi – gori tere sapnon ke sajna

गोरी तेरे सपनों के सजना आए तेरे अंगना कर ले सोलह सिंगार हो जा जाने को अब तैयार लेके डोली खड़े हैं कहार कल से बालम के रंग रंग जाएगी तू उनके मन के महल को सजाएगी तू बीते जो दिन भूल जाना सखी भूल जाना वो बचपन का प्यार लेके डोली खड़े हैं कहार … Continue reading

१९५६ – नई दिल्ली – तुम संग प्रीत लगाई रसिया | 1956 – New Delhi – tum sang preet lagayi rasiya

तुम संग प्रीत लगाई रसिया मैंने जानके जान गँवाई रसिया ओ हाय मैं मर गई, बेदर्दी तेरे प्यार में गोरी-गोरी रात के गोरे-गोरे चाँद की तुझको क़सम राजा, लौटके आजा पहले मिलन की रंगभरी शाम को कैसे भुलाऊँ सैंया, तू ही बता जा मौसम ले अंगड़ाई रसिया मैंने जानके जान गँवाई रसिया ओ हाय मैं … Continue reading

१९५६ – नई दिल्ली – ज़िंदगी बहार है मोहब्बत की बहार से | 1956 – New Delhi – zindagi bahar hai mohabbat ki bahar se

ज़िंदगी बहार है मोहब्बत की बहार से दिल से दिल को प्यार है, फिर क्यूँ डरना संसार से।। मैं गुमसुम, तुम भी चुप थे पर आँखों ने सब कह डाला मेरे प्यार में पहनी वरमाला ज़िंदगी बहार है … मैं नाचूँ मेरा मन नाचे मेरे संग-संग सारा जग नाचे मची धूम, ख़ुशी की धुन बाजे … Continue reading