Songs of Shailendra::
archives

Lata

This category contains 265 posts

१९५५ – बसंत बहार – जा-जा रे जा बालमवा | 1955 – Basant Bahar – ja ja re ja balamawa

जा जा रे जा बालमवा सौतन के संग रात बिताई काहे करत अब झूठी बतियाँ जा जा रे जा बालमवा ग़ैर के घर करी रात-जगाई मोसे कहे तेरे बिना नींद ना आई कैसो हरजाई दैय्या जा जा रे जा बालमवा … काँधे लगा लाई बिंदिया किसीकी जानूँ मैं चुराई तूने निंदिया किसीकी लाज ना आई … Continue reading

१९५१ – बादल – अनमोल प्यार बिन मोल बिके | 1951 – Badal – anmol pyar bin mol bike

अनमोल प्यार बिन मोल बिके, इस दुनिया के बाज़ार में इन्सान और ईमान बिके, इस दुनिया के बाज़ार में अनमोल प्यार बिन मोल बिके खिलते ही इस फुलवारी में, प्यार की कलियाँ जल जाती हैं दिल की दिल में रह जाती है, चाँदनी रातें ढल जाती हैं कितने-ही संसार उजड़ जाते हैं इस संसार में … Continue reading

१९५४ – बादशाह – गुल मुस्कुरा उठा बुलबुल ये गा उठा | 1954 – Badshah – gul muskura utha bulbul ye gaa utha

गुल मुस्कुरा उठा, बुलबुल ये गा उठा बाग़ों में आ गई बहार, बाग़ों में आ गई बहार दुल्हन के जैसी नई ज़िंदगी का आज ये पहला दिन है ख़ुशीका मौसम ये प्यार का, साज़-ओ-सिंगार का बाग़ों में आ गई बहार गुल मुस्कुरा उठा, बुलबुल ये गा उठा बाग़ों में आ गई बहार, बाग़ों में आ … Continue reading

१९५८ – बाग़ी सिपाही – मान भी ले ऐ दिल तू अपनी ये हार | 1958 – Baaghi Sipahi – maan bhi le ae dil too apni ye haar

मान भी ले ऐ दिल तू अपनी ये हार किया नहीं जाता, हो जाता है प्यार मान भी ले ऐ दिल नए रंग लेके उतरती है शाम, जाने क्यूँ बनती-सँवरती है शाम आ हम भी सपनों की दुनिया सँवार लें झूम-झूम गाए ये पागल बहार किया नहीं जाता, हो जाता है प्यार मान भी ले … Continue reading

१९५८ – बाग़ी सिपाही – ओ बेरहम, तेरे सितम हम पे होंगे कब तक | 1958 – Baaghi Sipahi – o beraham tere sitam hum pe honge kab tak

ओ बेरहम, तेरे सितम हमपे होंगे कब तक, देखेंगे हम ये रौशनी जलती रहे, जान भी जाए तो हमें होगा ना ग़म वो देख आँसुओं से ज़ख़्म धो रही है ज़िंदगी वो ख़ाक होके बीज नए बो रही ज़िंदगी सिवा ख़ुदाके और की ना होगी हमसे बंदगी ये कहके देख ज़ार-ज़ार रो रही है ज़िंदगी … Continue reading

१९५१ – बादल – ऐ दिल न मुझसे छुपा | 1951 – Badal – ae dil na mujhse chhupa

ऐ दिल न मुझसे छुपा, सच बता क्या हुआ जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ तारे गिने रातभर, जाने कब याद में सो गई वो ख़्वाब था मदभरा, जिसमें बेहोश मैं खो गई कोई नींद में हमसे रूठके, हमको लूटके, चल दिया जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ ऐ दिल न … Continue reading

१९५१ – बादल – दो दिन के लिए मेहमान यहाँ | 1951 – Badal – do din ke liye mehman yahan

दो दिन के लिए मेहमान यहाँ मालूम नहीं मंज़िल है कहाँ अरमान-भरा दिल तो है मगर जो दिल से मिले वो दिल है कहाँ इक फूल जला, इक फूल खिला कुछ अपना लुटा, कुछ उनको मिला कैसे करें क़िस्मत से गिला रंगीन हर एक महफ़िल है कहाँ दो दिन के लिए … दुनिया में सवेरा … Continue reading

१९५१ – बादल – आज माने ना मोरा जिया | 1951 – Badal – aaj mane na mora jiya

आज माने ना मोरा जिया, ठुमक-ठुमक नाचे सावन का मौसम सुहाना देखो आए उमंगभरे रंगभरे बादल लाए ख़ुशी का ख़ज़ाना सावन का मौसम सुहाना उनका आना हुआ, ग़म का जाना हुआ कैसी बाँकी नज़र, दिल निशाना हुआ आज माने ना … मैं यहाँ हूँ मगर दिल तेरे पास है तू हो चाहे जहाँ, तू मेरे … Continue reading

१९५१ – बादल – उनसे प्यार हो गया | 1951 – Badal – unse pyar ho gaya

उनसे प्यार हो गया, उनसे प्यार हो गया दिल मेरा खो गया, दिल उनका खो गया दिल दिल से मिल गया उनसे प्यार हो गया दर्द मिटाए तूने तीर चुभाके आग बुझाई एक आग लगाके उनसे प्यार हो गया … नैनों से नैन मिले, बदले ज़माने समझनेवाले समझे, और ना जाने और ना जाने, कोई … Continue reading

१९६३ – अपने हुए पराए – मैंने बुलाया और तुम आए | 1963 – Apne Huye Paraye – main ne bulaya aur tum aaye

मैंने बुलाया और तुम आए, अब दिल चाहे क्या आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना आँचल में हैं फूल ख़ुशीके, तुमसा मीत मिला आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना तुम हँसे और मेरे दिल में रौशनी हो गई ज़िंदगी प्यार की रागिनी के संग खो गई आओ … Continue reading