घर आजा घिर आए बदरा साँवरिया मोरा जिया धक-धक रे, चमके बिजुरिया घर आजा घिर आए सूना-सूना घर मोहे डसने को आए रे खिड़की पे बैठे-बैठे सारी रैन जाए रे टप-टीप सुनत मैं तो भई रे बाँवरिया घर आजा घिर आए कसमस जियरा, कसक मोरी दूनी रे प्यासी-प्यासी अँखियों की गलियाँ हैं सूनी रे जाने … Continue reading
मतवाली आँखोंवाले, ओ अलबेले दिलवाले दिल तेरा हो रहेगा गर तू इसे अपना ले मतवाली आँखोंवाले तुझको शायद धोखा हो गया सुन ऐ हसीं, मैं वो नहीं, मैं वो नहीं तू है तो महफ़िल में रंग है तू जो नहीं, कुछ भी नहीं, कुछ भी नहीं मतवाली आँखोंवाले … जब से तुझको देखा एक नज़र … Continue reading
बड़ी दूर से आई हूँ. मैं तेरा दिल बहलाने मैं तो तेरी हो चुकी, कोई माने ना माने बड़ी दूर से आई हूँ बेज़ार हो गया तू, जब थकके सो गया तू बेहोश होके मेरे सपनों में खो गया तू तो मैं चोरी-से आकर, बैठी तेरे सिरहाने मैं तो तेरी हो चुकी, कोई माने ना … Continue reading
बाग़ों में बहारों में, इठलाता गाता आया कोई नाज़ुक-नाज़ुक कलियों के दिल को धड़काता आया कोई आया कोई, आया कोई, आया कोई, होय बाग़ों में बहारों में … भीनी हवा ऊदी घटा, कहे तेरे आँगन में बरसेगा प्यार फूलों के हार लेके बहार, करने को आई मेरे सोलह-सिंगार रंगों की उमंगों की गागर छलकाता आया … Continue reading
भैय्या मेरे, राखी के बँधन को निभाना भैय्या मेरे, छोटी बहन को ना भुलाना देखो ये नाता निभाना, निभाना भैय्या मेरे, … ये दिन ये त्यौहार ख़ुशीका, पावन जैसे नीर नदीका भाई के उजले माथे पे बहन लगाए मंगल टीका झूमे ये सावन सुहाना, सुहाना भैय्या मेरे, राखी के बँधन को निभाना … बाँधके हमने … Continue reading
ये कैसा न्याय तेरा, दीपक तले अँधेरा किसीको दी निगाह, राह छीन ली किसीको राह दी, निगाह छीन ली ये कैसा न्याय तेरा, दीपक तले अँधेरा तक़्दीर हमसे रूठी, अपने हुए पराए जाने कहाँ चले हैं, जाने कहाँ से आए चारों तरफ़ अँधेरा, बरबादियों ने घेरा किसीको दी निगाह, राह छीन ली किसीको राह दी, … Continue reading
लकडी जल कोयला भई, कोयला जल भयो राख मैं पापन ऐसी जली, न कोयला भई न राख मोरी बाली रे उमरिया, अब कैसे बीते राम रो-रोके बोली राधा, मोहे तजके गयो श्याम मोरी बाली रे उमरिया जो छोड़के ही जना था, तूने काहे को प्रीत लगाई मेरे मीत तेरा क्या बिगड़ा, मेरी हो गई जगत-हँसाई … Continue reading
खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना देख रही हैं एक सपना खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना झूम-झूमके बहार मेरी सेज बिछाए घड़ी-घड़ी करे अजब इशारे सज-धजके मैं जाऊँ, बैठी-बैठी घबराऊँ गड़ी जाऊँ देखो लाज के मारे आते ही होंगे मोरे सजना खोई-खोई अँखियाँ … आके मेरे मनभाए मेरा घुँघटा उठाएँ मोसे पलक उठाए उठ ना मेरी माँग को … Continue reading
बहक चले मेरे नैनवा हाय, न जाने कैसी चली हवा क्यूँ न लगी कल रात को पलक, मुझे ये क्या हो गया हाय, मुझे ये क्या हो गया आँचल से मेरा हाथ हटे ना, नैन रहें मेरे झुके-झुके खड़ी रहूँ दर्पन के आगे, उलझी लट ना सुलझ सके मुझ-ही को मेरे हाल पे शर्माना कोई … Continue reading
दिल की शिकायत नज़र के शिकवे, एक ज़ुबाँ और लाख बयाँ छुपा सकूँ ना दिखा सकूँ, मेरे दिल के दर्द भी हुए जवाँ चाँद हँसा, तारे चमके, और मस्त हवा जब इठलाई छुपती फिरी न जाने क्यूँ मैं, जाने क्यूँ मैं शरमाई तेरे सिवा है कौन जो समझे क्या गुज़री मुझपे यहाँ छुपा सकूँ ना … Continue reading