प्रीत ये कैसी बोल री दुनिया, प्रीत ये कसी बोल री दुनिया, प्रीत ये कैसी बोल धूल में मन का हीरा रोवे, कोई न पूछे मोल दुनिया, बोल री दुनिया बोल देखूँ मैं इक सुंदर सपना, ढूँढ़ूँ तारों में घर अपना अँधी क़िस्मत तोड़ रही है ये सपने अनमोल दुनिया, प्रीत ये कैसी बोल डूब … Continue reading
ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फ़िज़ाएँ, उठा धीरे-धीरे वो चाँद प्यारा-प्यारा क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा इठलाती हवा, नीलम-सा गगन, कलियों पे ये बेहोशी की नमी ऐसे में भी क्यूँ बेचैन है दिल, जीवन में न जाने क्या है कमी क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, … Continue reading
देखो आया ये कैसा ज़माना ये दुनिया अजायबखाना, रे देखो आया ये कैसा ज़माना काली घोडी पे बैठके, कल हम गए बजार तेल तो देखा था पहले से, और देखी तेल की धार जो कुछ देखा, देखके हमको, याद आए श्रीरामा, रे देखो आया ये कैसा ज़माना … चोर की चौकीदारी देखी, और अँधों की … Continue reading
मनभावन के घर जाए गोरी घूँघट में शरमाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना बचपन के दिन खेल गँवाए, आई जवानी तो बालम आए तेरे आँगन बजे बधाई गोरी, क्यूँ नैना छलकाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना इस दुनिया की … Continue reading
तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले राम-जी सवा लाख की लाटरी भेजो अपने भी नाम जी पैसे-पैसे को जवानी मेरी तरसे सोते-सोते उठ जाऊँ बिस्तर से कब जाएगी ग़रीबी मेरे घर से तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले … कैसी प्यारी है ख़बर अख़बारों में लक्ष्मीदेवी होंगी अपने इशारों में होगा बंगला हमारा भी सितारों में तुम … Continue reading
कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया सज सोलह-सिंगार खड़ी मैं पंथ निहारूँ घड़ी-घड़ी मैं सूना सब जग रसिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया आँगन जाऊँ, अटारी जाऊँ साँझ भए से आस लगाऊँ जलूँ जैसे जले दिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं … Continue reading
जहाँ मैं जाती हूँ, वहीं चले आते हो चोरी-चोरी मेरे दिल में समाते हो ये तो बताओ कि तुम मेरे कौन हो दिल की दिल से लगन की ये बात है प्यार की राह-रस्म की ये बात है मुझसे ना पूछो कि तुम मेरे कौन हो मैं तो शोर मचाऊँगी, करनी तुम्हारी सबको बताऊँगी ख़ैर … Continue reading
बड़ी मुश्किल है, अजब मेरा दिल है न जाने किसे ढूँढ़े, न जाने किसे चाहे सखियों से छुपती फिरूँ, कहीं जी ना लगे रातों को तारे गिनूँ, पलक भी ना लगे मेरे संग-संग मेरी निंदिया भी सारी रात जगे बड़ी मुश्किल है … सपने आए, मन ललचाए, जाके फिर ना आए दिल नादाँ, ये अरमाँ … Continue reading
जीवन के दो-राहे पे खड़े, सोचते हैं हम जाएँ तो किधर जाएँ ताने है दिल इधर को तो, खींचें उधर क़दम जाएँ तो किधर जाएँ जीवन के दो-राहे पे खड़े, सोचते हैं हम हर मोड़ पे देता है ये संसार दुहाई हर गाम पे देता है मेरा प्यार दुहाई इस रास्ते में मंदिर हैतो उस … Continue reading
गोरी, बाबुल का घरवा अब है बिदेसवा साजन के चरणों में घर है तेरा ओ गोरी, चार दीवारी, अंगना, अटारी यही तेरी दुनिया, ये जग है तेरा गोरी, बाबुल का घरवा आई है तू, बगिया में जैसे बहार आई रे आँचल में प्यार, अँखियों में सपने हज़ार लाई रे बड़ी गहरी नदिया के पार आई … Continue reading