Songs of Shailendra::
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१९६० – परख – मेरे मन के दिये | 1960 – Parakh – mere man ke diye

मेरे मन के दिये, मेरे मन के दिये यूँही घुट-घुटके जल तू, मेरे लाडले, ओ मेरे लाडले ख़ाक हो जाएँ हम प्यार के नाम पर प्यार की राह में रौशनी तो रहे मेरे मन के दिये … आग के फूल आँचल में डाले हुए कबसे जलता है वो आसमाँ देख ले मेरे मन के दिये … Continue reading

१९६० – परख – ये बँसी क्यूँ गाए | 1960 – Parakh – ye bansi kyun gaye

ये बंसी क्यूँ गाए, मुझे क्यूँ सताए ये क्या धुन सुनाए, दूर न जाने काहे मुझको बुलाए, हाय बंसी क्यूँ गाए ये बंसी नदिया के तीर मोहे देखके अकेली मुझको सिखाने आई प्रीत-पहेली जिया उलझाए, मोहे ललचाए, कित जाऊँ, हाय बंसी क्यूँ गाए … हो बंसी बस में ना दिल ना ये नैन हमारे बचपन … Continue reading

१९५४ – नौकरी – मन रे न ग़म कर | 1954 – Naukri – man re na gham kar

ओ मन रे, ना ग़म कर ये आँसू बनेंगे सितारे, जुदाई में दिल के सहारे बिछड़के भी हमसे जहाँ भी रहें वो, रहेंगे हमारे ओ मन रे, ना ग़म कर ये आँसू बनेंगे सितारे, जुदाई में दिल के सहारे जिधर से वो जाएँ आकाश पैरों में कलियाँ बिछा दे जहाँ रात हो कोई चुपके-से राहों … Continue reading

१९५२ – नौबहार – उनके बुलावे पे डोले मेरा दिल | 1952 – Nau Bahar – unke bulawe pe dole mera dil

उनके बुलावे पे डोले मेरा दिल जाऊँ तो मुश्किल, न जाऊँ तो मुश्किल मन में हैं मेरे सौ-सौ बतियाँ बोलूँ तो मुश्किल, छुपाऊँ तो मुश्किल जाऊँ तो मुश्किल, न जाऊँ तो मुश्किल उनके बुलावे पे डोले मेरा दिल बचपन जवानी जो मिलने लगे हैं, मौसम बिना फूल खिलने लगे हैं छेड़ी किसीने मेरे मन की … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – लागी नाही छूटे राम चाहे जिया जाए | 1958 – Musafir – laagi naahi chhute raam, chaahe jiya jaye

लागी नाही छूटे राम, चाहे जिया जाए मन अपनी मस्ती का जोगी, कौन इसे समझाए कौन इसे समझाए, रामा लागी नाही छूटे रामा, चाहे जिया जाए तारों में मुस्कान है तेरी, चाँद तेरी परछाँईं उतने गीत हैं जितनी रातें हमने साथ बिताईं कैसे बोलूँ रे साँवरिया, करूँ मैं कौन उपाय चाहे जिया जाए रिमझिम-रिमझिम बुँदियाँ … Continue reading

१९५९ – नई राहें – कल के चाँद आज के सपने | 1959 – Nai Raahen – kal ke chand aaj ke sapne

कल के चाँद, आज के सपने, तुमको प्यार, बहुत-सा प्यार लाल, तुम्हारे-ही दम से कल जगमग होगा ये संसार कल के चाँद, आज के सपने, तुमको प्यार, बहुत-सा प्यार आँखमिचौली खेलेगा कल तुमसे आँगन मेरा संग तुम्हारे लौट आएगा रूठा बचपन मेरा अब तुतलाकर बात करेंगे ये दरवाज़े ये दीवार लाल, तुम्हारे-ही दम से कल … Continue reading

१९५२ – नौबहार – देखो जी मेरा जिया चुराए लिए जाए | 1952 – Nau Bahar – dekho ji mera jiya churaye liye jaye

देखोजी मेरा जिया चुराए लिए जाए नाम ना जानूँ, धाम ना जानूँ क्या होगा अंजाम ना जानूँ मन पंछी घबराए ए री, मेरा जिया चुराए लिए जाए देखोजी मेरा जिया चुराए लिए जाए नैन कहें हमने धन पाया मन कोसे, मोहे किया पराया प्रीत ठुमक मुस्काए ए री, मेरा जिया चुराए लिए जाए देखोजी मेरा … Continue reading

१९५५ – मुनीमजी – नैन खोए-खोए तेरे दिल में भी कुछ होए रे | 1955 – Munimji – nain khoye khoye tere dil mein bhi kuchh hoye re

नैन खोए-खोए तेरे दिल में भी कुछ होए रे प्यार ये नहीं तो और क्या है होंठों पे इनकार, तेरी आँखों में इक़रार रे प्यार ये नहीं तो और क्या है दिल ही दिल में तेरा बलखाना, मन में हाँ-हाँ मगर मुँह पे ना-ना बड़ी-बड़ी आँखों से लेके निशाना, घड़ी-घड़ी तीर चलाके तेरा शरमाना प्यार … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – मन रे हरि के गुण गा | 1958 – Musafir – man re, hari ke gun gaa

हरि के गुण गा, मन रे, हरि के गुण गा उन संग प्रीत लगा, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अहल्या तर गई, भवसागर के पार उतर गई सन्मुख शीश झुका, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अमर भई मीरा, नाम उजागर कर गई मीरा लौ उनसे … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – हु तू तू तू | 1964 – Mem Didi – hu tu tu tu

हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो घर में चूल्हा फूँकें, मज़े करे तू हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो लड़ें ज़िंदगी से, हमसे लड़े तू हु तू तू तू, तू ढोल बाजे, ताशे बाजे और बाजी शहनाई बाबुल की मैं लाडली … Continue reading