Songs of Shailendra::
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Shankar-Jaikishan

This category contains 316 posts

१९५२ – परबत – बेरहम, मार डालेगा मुझको तेरा ग़म | 1952 – Parbat – beraham maar dalega mujhako tera gham

बेरहम, मार डालेगा मुझको तेरा ग़म अब तो आजा, मेरे बालम, अब तो आजा ये समाँ, ओ सनम, बेबसी का ये आलम अब तो आजा, मेरे बालम, अब तो आजा हमने माना हमारा क़सूर है देके दिल दर्द होता ज़रूर है दर्द में मुस्कुराना सिखा जा, आजा अब तो आजा, मेरे बालम, अब तो आजा … Continue reading

१९५९ – अनाड़ी – 1956 1957 1958 1959 | 1959 – Anari – 1956 1957 1958 1959

१९५६, १९५७, १९५८, १९५९ दुनिया का ढांचा बदला, क़िस्मत का सांचा बदला आँखें तो खोलो ज़रा, लाला हो कहाँ ताज निराले, राज निराले, जीवन के सारे साज़ निराले महफ़िल-महफ़िल घूम धरतीके जाएँ, अंबर पे छाएँ फैलाके बाँहें चँदा बुलाए आ तारों को चूम 1959, 1959, 1959 1956, 1957, 1958, 1959 कल की कहानी हो गई … Continue reading

१९६७ – गुनाहों का देवता – चाहा था बनूँ प्यार की राहों का देवता | 1967 – Gunahon Ka Devta – chaha tha banoon pyar ki rahon ka devta

चाहा था बनूँ प्यार की राहों का देवता मुझको बना दिया है गुनाहों का देवता ये ज़िंदगी एक ख़्वाब है, जीना भी है नशा दो घूँट मैंने पी लिए, तो क्या बुरा किया रहने दो जाम सामने, सबकुछ यही तो है हर ग़मज़दा के आँसुओं-आहों का देवता मुझको बना दिया है गुनाहों का देवता क़िस्मत … Continue reading

१९५१ – काली घटा – il est belle, आ रे, दिन हैं प्यारे-प्यारे | 1951 – Kali Ghata – il est belle, aa re, din hai.n pyaare-pyaare

il est belle, आ रे, दिन हैं प्यारे-प्यारे mon chou, tu mon cheri, तू मेरा मैं तेरी ऐसे में तू आजा रे, ऐसे में तू आजा रे उल्फ़त की है ये नशीली हवा पत्थर का दिल पानी-पानी हुआ काली घटा आई बलखाती, देखो इठलाती il est belle, आ रे … देखा है तुझे कहीं ना … Continue reading

१९५५ – बसंत बहार – केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले | 1955 – Basant Bahar – ketki gulab juhi champak ban phuule

केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले रितु बसंत, अपनो कंत गोरी गरवा लगाए झुलना में बैठ आज पी के संग झूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले गल-गल कुंज-कुंज, गुन-गुन भँवरों की गुंज राग-रंग अंग-अंग, छेड़त रसिया अनंग कोयल की पंचम सुन दुनिया दुख भूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले मधुर-मधुर थोरी-थोरी, मीठी बतियों … Continue reading

१९६६ – सूरज – देखो मेरा दिल मचल गया | 1966 – Suraj – dekho mera dil machal gaya

देखो मेरा दिल मचल गया उन्हें देखा और बदल गया मचल गया, दिल मेरा देखो मेरा दिल मचल गया चाहत का रोग लगाके, आँखों में उनको बसाके मीठी ये आग लगाके, पछताऊँ मैं, पछताऊँ मैं देखो मेरा दिल मचल गया … जीना है मुश्किल उन बिन, बिगड़े है हालत दिन-दिन बिरहा की अग्नि पलछिन, जलती … Continue reading

१९५२ – परबत – क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या | 1952 – Parbat – kya bataoon mohabbat hai kya

क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या सीने में रह-रहके दर्द उठ रहा है, मगर आ रहा है मज़ा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या मौसम तो हरदम बदलते रहे हैं अरमान दिल के मचलते रहे हैं क्या बात है, छूके आँचल मेरा भाग जाती है पागल हवा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या पहले-भी तूफ़ान आते रहे हैं … Continue reading

१९५२ – परबत – मीठी-मीठी बातों से | 1952 – Parbat – meethi meethi baaton se

मीठी-मीठी बातों से, भोली-भाली घातों से दिल मेरा अकेले में लूट लिया, हाय राम दूर से उन्होंने किए ऐसे कुछ इशारे मैं तो गड़ गई ज़मीन में शरम के मारे दिल में कोई चीज़ चुभी, मैं निकालने में लगी ऐसे झमेले में लूट लिया, हाय राम मीठी-मीठी बातों से, भोली-भाली घातों से दिल मेरा अकेले … Continue reading

१९६२ – रंगोली – छोटी-सी ये दुनिया | 1962 – Rungoli – chhoti si ye duniya

छोटी-सी ये दुनिया, पहचाने रास्ते हैं तुम कहीं तो मिलोगे, कभी तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल छोटी-सी ये दुनिया हम तो ये समझेंगे हमने एक पत्थर को पूजा लेकिन तुमको अपने जैसा नहीं मिलेगा दूजा छोटी-सी ये दुनिया … सीखा नहीं हमारे दिल ने, प्यार में धीरज खोना आग में जलके भी जो निखरे, है … Continue reading

१९६२ – रंगोली – छोटी-सी ये दुनिया पहचाने रास्ते | 1962 – Rungoli – chhoti si ye duniya pehchane raaste

छोटी-सी ये दुनिया, पहचाने रास्ते हैं तुम कभी तो मिलोगे, कहीं तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल छोटी-सी ये दुनिया सीखा नहीं हमारे दिल ने, प्यार में धीरज खोना आग में जलके भी जो निखरे, वही है सच्चा सोना छोटी-सी ये दुनिया … मेरा पहला प्यार, आख़री भी है इस जीवन का एक बार होता है … Continue reading

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