Songs of Shailendra::
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Shankar-Jaikishan

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१९६३ – अपने हुए पराए – बहार बनके वो मुस्कुराए हमारे गुलशन में | 1963 – Apne Huye Paraye – bahar banke vo muskuraye hamare gulshan mein

बहार बनके वो मुस्कुराए हमारे गुलशन में बाद-ए-सबा तू न आए तो क्या, काली घटा तू न छाए तो क्या बहार बनके वो मुस्कुराए हमारे गुलशन में मेरे दिल की राहों पे मेरे संग-संग आ तुझको दिखला दूँ मैं हमदम अपना रंगोंभरी दुनिया मेरी, मेरा प्यार पहला बाद-ए-सबा तू न आए तो क्या, काली घटा … Continue reading

१९६३ – अपने हुए पराए – गगन के चँदा न पूछ हमसे | 1963 – Apne Huye Paraye – gagan ke chanda na poochh hum se

गगन के चँदा न पूछ हमसे, कहाँ हूँ मैं दिल मेरा कहाँ है किसीके चाहत में खो गए हम, ना अपना दिल है, ना अपनी जाँ है गगन के चँदा नज़र से नज़र मिलके शरमा रही है, हर एक राज़ झुककर कहे जा रही है घड़ी ये मोहब्बत के इक़रार की है, रुत प्यार की … Continue reading

१९६२ – आशिक़ – झनन झनझनाके अपनी पायल | 1962 – Aashiq – jhanan jhanjhanake apni paayal

झनन झनझनाके अपनी पायल, चली मैं आज मत पूछो कहाँ छम-छम अपनी डगर चलूँगी, जो भी रोके मैं ना रुकूँगी मैं सावन की चंचल नदिया, बँधके रही ना बंधके रहूँगी झनन झनझनाके अपनी पायल, चली मैं आज मत पूछो कहाँ अपनी उमंगों में लहराऊँ, गीत किसीके गाती जाऊँ धरती को बाँहों में भर लूँ, झूमके … Continue reading

१९५१ – आवारा – एक दो तीन आजा मौसम है रंगीन | 1951 – Awara – ek do teen aa ja mausam hai rangeen

एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन, आजा एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन रात को छुप-छुपके मिलना दुनिया समझे पाप रे एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन ये मदमस्त जवानी है, तेरे लिए ये दीवानी है डूबके इस गहराई में, देख ले कितना पानी है एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन … Continue reading

१९५१ – आवारा – घर आया मेरा परदेसी | 1951 – Awara – ghar aaya mera pardesi

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय घर आया मेरा परदेसी प्यास बुझी मेरी अँखियन की तू मेरे मन का मोती है इन नैनन की ज्योति है याद है मेरे बचपन की घर आया मेरा परदेसी अब दिल मत तोड़के मत जाना रोती छोड़के मत जाना क़सम तुझे मेरे अँसुवन की घर आया मेरा परदेसी OM … Continue reading

१९५१ – आवारा – नैय्या तेरी मँझधार | 1951 – Awara – naiyya teri majhdhaar

नैय्या तेरी मँझधार, होशियार, होशियार सूझे आर ना पार, होशियार, होशियार नैय्या तेरी मँझधार, होशियार, होशियार डर कैसा रे खुला हुआ आसमान सँभलके माँझी, सँभल कि तेरी नाव में है तूफ़ान गहरी चंचल धार, होशियार, होशियार नैय्या तेरी मँझधार, होशियार, होशियार काठ का टुकड़ा बह जाता है, लोहा डूबके रह जाता है ग्यानी सोच विचार, … Continue reading

१९५१ – आवारा – तेरे बिना आग ये चाँदनी | 1951 – Awara – tere bina aag ye chandani

तेरे बिना आग ये चाँदनी, तू आजा तेरे बिना बेसुरी बाँसरी, ये मेरी ज़िंदगी, दर्द की रागिनी तू आजा, तू आजा ये नहीं है, ये नहीं है ज़िंदगी, ज़िंदगी ये नहीं ज़िंदगी ज़िंदगी की ये चिता में ज़िंदा जल रहा हूँ, हाय साँस के ये आग के ये तीर चीरते हैं आरपार, आरपार मुझको ये … Continue reading

१९५१ – आवारा – जुलम सहे भारी जनक दुलारी | 1951 – Awara – julam sahe bhaari janak dulari

पतिव्रता सीतामाई को तूने दिया बनवास क्यूँ ना फटा धरती का कलेजा क्यूँ ना फटा आकाश जुलम सहे भारी, जनकदुलारी जनकदुलारी, राम की प्यारी फिरे है मारी-मारी, जनकदुलारी जुलम सहे भारी, जनकदुलारी गगनमहल का राजा देखो कैसा खेल दिखाए सीप से मोती, गंदले जल में सुंदर कँवल खिलाए अजब तेरी लीला है गिरधारी pativrataa siitaamaa_ii … Continue reading

१९६७ – रात और दिन – जीना हमको रास न आया, हम जाने क्यूँ जीते हैं | 1967 – Raat Aur Din – jeena hum ko raas na aaya, hum jaane kyun jeete hain

जीना हमको रास न आया, हम जाने क्यूँ जीते हैं क्या सावन क्या भादो, अपने सब दिन रोते बीते हैं जीना हमको रास न आया, हम जाने क्यूँ जीते हैं जीना हमको हमसे तो जग रूठ गया है, एक तुम्हारा क्या शिकवा अब क्यूँ आहें भरते हैं हम, अब क्यूँ आँसू पीते हैं जीना हमको … Continue reading

१९६७ – रात और दिन – न छेड़ो कल के अफ़्साने, करो इस रात की बातें | 1967 – Raat Aur Din – na chhedo kal ke afsane, karo is raat ki baatein

Film Raat Aur Din Music Director Shankar-Jaikishan Year 1967 Singer(s) Lata Audio Video On Screen Nargis न छेड़ो कल के अफ़्साने, करो इस रात की बातें छलकने दो ये पैमाने, करो इस रात की बातें न छेड़ो कल के अफ़्साने न फिर ये रात आएग़ी, न दिल उछलेगा सीने में न होगी रंग पे महफ़िल, … Continue reading