Songs of Shailendra::
archives

Shankar-Jaikishan

This category contains 316 posts

१९६१ – बॉय फ़्रैंड – देखो ना जाओ ऐ बेरहम | 1961 – Boy Friend – dekho na jao ae beraham

देखो न जाओ ऐ बेरहम दिल ना दुखाओ ऐ बेरहम हमसे नज़र तो मिलाओ, एक दफ़ा मुस्कुराओ देखो न जाओ ऐ बेरहम बहुत मुंतज़िर था ये दिल, कि फिर से मुलाक़ात हो ज़ुबाँ से न हो तो न हो , निगाहों से ही बात हो देखो न जाओ ऐ बेरहम … मेरे इश्क़ की इब्तिदा, … Continue reading →

१९६१ – बॉय फ़्रैंड – देखो ना जाओ ऐ जान-ए-मन | 1961 – Boy Friend – dekho na jao ae jaan-e-man

देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन दिल ना दुखाओ ऐ जान-ए-मन हमसे नज़र तो मिलाओ, एक दफ़ा मुस्कुराओ देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन लगी दिल की छुपती है क्या, जो हमसे छुपाते हो तुम मोहब्बत में दे देंगे जान, किसे आज़माते हो तुम देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन … मोहब्बत बुरी चीज़ है, तो हम भी … Continue reading →

१९६१ – बॉय फ़्रैंड – क्यूँ जी मुझे पहचाना | 1961 – Boy Friend – kyun ji mujhe pehchana

क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! मैं भी दिलवाला, किसीका मतवाला ज़रा मेरी भी सुन जाना क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! जाओ न मेरी सूरत पर ये सब है गर्दिश का असर अंदर से कुछ और हूँ मैं आता हूँ कुछ और नज़र क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! … सीधी-सीधी … Continue reading →

१९६७ – बदतमीज़ – हसीन हो तुम ख़ुदा नहीं हो | 1967 – Budtameez – haseen ho tum khuda nahin ho

हसीन हो तुम, ख़ुदा नहीं हो, तुम्हारा सिजदा नहीं करेंगे मगर मोहब्बत में हुक़्म दोगे, तो हँसते-हँसते ये जान भी देंगे हसीन हो तुम, ख़ुदा नहीं हो समझते हो ख़ुद को न जाने क्या तुम, कि सारी दुनिया को ख़ाक जाना ग़ुरूर का सर झुकेगा एक दिन, हँसेगा तुम पर भी ये ज़माना हमेशा ये … Continue reading →

१९६८ – ब्रह्मचारी – चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी | 1968 – Brahmachari – chakke mein chakka chakke pe gadi

चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी गाड़ी में निकली अपनी सवारी थोड़े अगाड़ी, थोड़े पिछाड़ी थोड़े अगाड़ी, थोड़े पिछाड़ी चुन्नू छबीले, मुन्नु हठीले मखमल की टोपी, छोटू रंगीले लल्लू बटाटा, लल्ली टमाटा गामा बनेंगे गट्टू गठीले पेट में इनके लंबी-सी दाढ़ी चक्के में चक्का … उमर में कच्चे, ये छोटे बच्चे हैं भोले-भाले, हैं सीधे-सछे … Continue reading →

१९६८ – ब्रह्मचारी – आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर | 1968 – Brahmachari – aaj kal tere mere pyar ke charche har zaban par

आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर सबको मालूम है और सबको ख़बर हो गई तो क्या! आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर सबको मालूम है और सबको ख़बर हो गई हमने तो प्यार में ऐसा काम कर लिया प्यार की राह में अपना नाम कर लिया आजकल तेरे-मेरे … दो बदन … Continue reading →

१९६७ – बदतमीज़ – दिल को ना मेरे तड़पाओ | 1967 – Budtameez – dil ko na mere tadpao

दिल को न मेरे तड़पाओ, प्यार को मत ठुकराओ अब तो हमारे हो जाओ दिल को न मेरे तड़पाओ यूँ न रहेगा हरदम, हुस्न है आख़िर फ़ानी बँधके कहाँ रहता है, दरिया का बहता पानी चाँद से मत टकराओ, धरती पे वापस आओ अब तो हमारे हो जाओ दिल को न मेरे तड़पाओ छोड़ो चलन … Continue reading →

१९५४ – बूट पालिश – चली कौनसे देश गुजरिया | 1954 – Boot Polish – chali kaun se deh gujariya

चली कौनसे देश, गुजरिया तू सज-धजके जाऊँ पिया के देश, ओ रसिया मैं सज-धजके चली कौनसे देश, गुजरिया तू सज-धजके छलके मात-पिता की अँखियाँ रोवे तेरे बचपन की सखियाँ भैया करे पुकार भैया करे पुकार, न जा घर-आँगन तजके जाऊँ पिया के देश, ओ रसिया मैं सज-धजके चली कौनसे देश, गुजरिया तू सज-धजके दूर देश … Continue reading →

१९५४ – बूट पालिश – नन्हे-मुन्ने बच्चे तेरी | 1954 – Boot Polish – nanhe munne bachche teri

नन्हे-मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है नन्हे-मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है मुट्ठी में है तक़्दीर हमारी हमने क़िस्मत को बस में किया है भोली-भाली मतवाली आँखों में क्या है भोली-भाली मतवाली आँखों में क्या है आँखों में झूमे उम्मीदों की दीवाली आनेवाली दुनिया का सपना सजा है नन्हे-मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में … Continue reading →

१९५४ – बूट पालिश – ठहर ज़रा ओ जानेवाले | 1954 – Boot Polish – thaher zara o janewale

ठहर ज़रा ओ जानेवाले ठहर ज़रा ओ जानेवाले, बाबू मिस्टर गोरे काले कबसे बैठे आस लगाए, हम मतवाले पालिशवाले ये काली पालिश एक आना ये ब्राउन पालिश एक आना जूते की मालिश एक आना हर माल मिलेगा है एक आना ना है ना है ना पगड़ी है ना चोरी है छोटी-सी दूकान लगाए, हम मतवाले … Continue reading →