Songs of Shailendra::
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S N Tripathi

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१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – झूमती चली हवा याद आ गया कोई | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – jhoomati chali hawa yaad aa gaya koi

झूमती चली हवा, याद आ गया कोई बुझती-बुझती आग को फिर जला गया कोई झूमती चली हवा खो गईं हैं मंज़िलें, मिट गए हैं रास्ते गर्दिशें ही गर्दिशें अब हैं मेरे वास्ते और ऐसे में मुझे, फिर बुला गया कोई झूमती चली हवा … एक हूक-सी उठी, मैं सिहरके रह गया दिल को अपने थामके, … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – बदली-बदली दुनिया है मेरी | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – badali badali duniya hai meri

परदेसी घर आयके, रह-रह करे विचार पहले किसका नाम लूँ, किसकी करूँ पुकार बदली-बदली दुनिया है मेरी जादू है ये क्या तेरे नैनन का बनके कजरा अँखियों में रहा एक सुंदर सपना बचपन का बदली-बदली दुनिया है मेरी मेरे गीतों के चंचल स्वर आए होंगे बादल बनकर बरसे होंगे इस आँगन पर लेके संदेस मेरे … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – मितवा लौट आए री | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – mitwa laut aaye ri

मितवा लौट आए री आज मेरो जियरा क्यूँ न गाए शुभ दिन दर्शन पाए मितवा लौट आए री नैना जो थे नीर भरे पिया को देख फिर से मुस्काए आए री, आए री, आए मितवा लौट आए री दिवला दे बुझाए कोई जादू प्रीत की ज्योत जगाए आए री, आए री, आए मितवा लौट आए … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – सखी कैसे धरूँ मैं धीर | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – sakhi kaise dharoon main dheer

सखी कैसे धरूँ मैं धीर हाय रे मेरे अब लो श्याम ना आए री बहे नैनों से निसदिन नीर हाय रे मेरे अब लो श्याम ना आए री सखी कैसे धरूँ मैं धीर घिर-घिर श्याम घटा लहराए बेदर्दी की याद दिलाए उनबिन मुरली कौन सुनाए ठाड़ी रोऊँ मैं जमुना के तीर हाय रे मेरे अब … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – सुध बिसर गई आज | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – sudh bisar gayi aaj

सुध बिसर गई आज अपने गुणन की आई गई बात बीते दिनन की बिखरे सपन सारे, विधना से हम हारे अँसुओं में डूबी हैं पलकें नयन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की जियरा के दो टूक, गई प्रेरणा रूठ घुट-घुट गई सूख सरिता सुरन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की … … Continue reading

१९६६ – कुँवारी – प्यार के पलछिन बीते हुए दिन २ | 1966 – Kunwari – pyar ke palchhin beete hue din 2

प्यार के पलछिन, बीते हुए दिन हम तो ना भूले, तुम भूल गए देखे थे हमने मिलके जो सपने हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार के पलछिन सूनी रैना, ये अँधियारा इस नदिया का जाने कहाँ है किनारा साथ तुम्हारा, बाँहों का सहारा हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार के पलछिन, … Continue reading

१९६६ – कुँवारी – प्यार के पलछिन बीते हुए दिन १ | 1966 – Kunwari – pyar ke palchhin beete hue din 1

प्यार के पलछिन, बीते हुए दिन हम तो ना भूले, तुम भूल गए देखे थे हमने मिलके जो सपने हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार के पलछिन उन यादों को दिल से लगाए भटक रहे हैं हम ख़ुदको भुलाए जो दिन हाय मुड़के न आए हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार … Continue reading

१९५६ – दिल्ली दरबार – महफ़िल में कैसी छम-छम | 1956 – Dilli Darbar – mehfil mein kaisi chham chham

महफ़िल में कैसी छम-छम, किसका है ये है तराना तेरे लिए सीखा है नज़रों ने मुस्कुराना ओ बेख़बर तेरे सिवा सारे जहाँ ने जाना महफ़िल में कैसी छम-छम कल तो कहा था, मेरे हो आज नज़र क्यूँ फेरे हो मेरी वफ़ा झूठी है या तेरा वो फ़साना ओ बेख़बर तेरे सिवा सारे जहाँ ने जाना … Continue reading