Songs of Shailendra::
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Roshan

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१९५४ – चाँदनी चौक – जादू बुरा बंगाल का | 1954 – Chandni Chowk – jadoo bura bangal ka

बदल चली है जो उनकी नज़र तो क्या कीजे वफ़ा का थामके दामन, ये इल्तजा कीजे जादू बुरा बंगाल का, पूरब ना जइहो बालमा ना जइहो मेरे बालमा, पूरब ना जइहो बालमा जीतेजी दिल पे जुदाई का तीर सहना पड़ा जलाके आशियाँ अपना, कफ़स में रहना पड़ा हाय, लिखा है ये कौनसे पत्थर ने ये … Continue reading

१९५२ – अनहोनी – मेरे दिल की धड़कन क्या बोले क्या बोले | 1952 – Anhonee – mere dil ki dhadkan kya bole

मेरे दिल की धड़कन क्या बोले? क्या बोले? मैं जानूँ और तू जाने, मैं जानूँ और तू जाने मेरा प्यारभरा मन क्यूँ डोले? क्यूँ डोले? मैं जानूँ और तू जाने, मैं जानूँ और तू जाने चली गई रात मदभरी हवाओं की डोली पे होके सवार दे गई चाँद की परी निगाहों को सपनों का पागल … Continue reading

१९५३ – आग़ोश – मिल-जुल के काटो लोगो ग़रीबी के फंदे | 1953 – Aagosh – miljul ke kaato logo garibi ke phande

मिलजुलके काटो ग़रीबी के फंदे मिलजुलके काटो रे लोगो, दुख-सुख बाँटो रे बड़ी दयावान भाई बड़ी मेहेरबान है हम सब पे ये धरतीमाता, धरतीमाता सोने की खान कहीं गेहूं कहीं धान रे हम सबकी ये अन्नदाता, धरतीमाता फिर भी आसमाँ के तले, काहे भूख-प्यास पले दुख-सुख बाँटो रे मिलजुलके काटो … जीवन के सागर में … Continue reading

१९५३ – आग़ोश – बाँसुरिया काहे बजाई | 1953 – Aagosh – baansuriya kaahe bajaai

बाँसुरिया काहे बजाई, बिन सुने रहा नहीं जाए रे मीठी नज़र काहे मिलाई, बिन देखे रहा नहीं जाए रे बाँसुरिया काहे बजाई, बिन सुने रहा नहीं जाए रे जाने-अनजाने जब मुख पे किसीके आए तेरा नाम सरसे सरक जाए चुनरी, सहेली करे बदनाम होवे रे हमरी जगतहँसाई, रे कान्हा बाँसुरिया काहे बजाई … हँस-हँस जादू … Continue reading

१९५३ – आग़ोश – हो धीरे-धीरे चढ़ गया नदी में पानी | 1953 – Aagosh – ho dheere dheere chadh gaya nadiya mein paani

हो धीरे-धीरे चढ़ गया नदी में पानी हो धीरे-धीरे कोई कहे तूफ़ान उठा, कोई कहे रे आई जवानी हो धीरे-धीरे चढ़ गया नदी में पानी हो धीरे-धीरे दिल में बैठा कोई दिल की धड़कन गिनता जाए मेरे मन के भेद चुराकर अपने भेद छुपाए जो-जो मेरी प्रीत बढ़े, मैं होती जाऊँ दीवानी हो धीरे-धीरे चढ़ … Continue reading

१९५३ – आग़ोश – आग छिड़क गई चाँदनी | 1953 – Aagosh – aag chhidak gai chandani

आग छिड़क गई चाँदनी मेरे गोरे बदन पे, मेरे कोमल मन पे हाय, आज मैं जर गई, जर गई, जर गई रे लहरों के संग छम-छम नाचे किरनों की जोड़ियाँ धीरे-से कोई खींचे दिल के पर्दों की डोरियाँ झूमके क्या कहता है आसमाँ, न समझे मेरे साजना हाय, आज मैं जर गई, जर गई, जर … Continue reading

१९५८ – अजी बस शुक्रिया – होने लगा ये दिल में दर्द कैसा | 1958 – Aji Bas Shukriya – hone laga ye dil mein dard kaisa

होने लगा ये दिल में दर्द कैसा ऐ यै यै यो, ऐ यै यै यो मीठा-मीठा किसीके प्यार के जैसा ऐ यै यै यो, ऐ यै यै यो कोई बताओ, कोई बताओ, कोई बताओ धक-धक धड़के ज़ोर-ज़ोर से चौँके लोग सारे दिल के शोर से क्यूँ न पूछें वो हमसे, ये दिल्लगी है क्या होने … Continue reading

१९६२ – सूरत और सीरत – बहुत दिया देनेवाले ने तुझको | 1962 – Soorat Aur Seerat – bahut diyaa denewale ne tujhko

Film Soorat Aur Seerat Music Director Roshan Year 1962 Singer(s) Mukesh Audio Video On Screen बहुत दिया देनेवाले ने तुझको, आँचल ही न समाए तो क्या कीजे बीत गए जैसे ये दिन-रैना, बाक़ी भी कट जाए, दुआ कीजे जो भी दे दे मालिक, तू कर ले क़ुबूल कभी-कभी काँटों में भी खिलते हैं फूल वहाँ … Continue reading