Songs of Shailendra::
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Ravishankar

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१९६० – अनुराधा – कैसे दिन बीते कैसे बीतीं रतियाँ | 1960 – Anuradha – kaise din beete kaise beeti ratiyan

कैसे दिन बीते, कैसे बीतीं रतियाँ पिया जाने ना नेहा लगाके मैं पछताई सारी-सारी रैना निंदिया ना आई जानके देखो मेरे जी की बतियाँ पिया जाने ना हाय, कैसे दिन बीते … रुत मतवाली आके चली जाए मन ही मेरे मन की रही जाए खिलने को तरसे नन्ही-नन्ही कलियाँ पिया जाने ना हाय, कैसे दिन … Continue reading →

१९६० – अनुराधा – साँवरे साँवरे | 1960 – Anuradha – sanware sanwre

साँवरे साँवरे, जाओ, साँवरे साँवरे काहे मोसे करो जोरा-जोरी बैंया ना मरोड़ो मोरी दूँगी दूँगी गारी, हटो जाओ जी साँवरे साँवरे संग ना सहेली, पायके अकेली अब लाज आत हे मोरे श्याम रोको ना डगर मोरी साँवरे साँवरे … गोपी, ग्वाले, देखनेवाले बिन विचार कहेंगे सारे पकड़ी राधा की चोरी साँवरे साँवरे … मुरली बजाओ, … Continue reading →

१९६० – अनुराधा – हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए | 1960 – Anuradha – haay re wo din kyun na aaye

हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए जा-जाके ऋतु लौट आए हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए झिलमिल वो तारे, कहाँ गए सारे मन-बाती जले, बुझ जाए हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए … सूनी मेरी बीना संगीत बिना सपनों की माला मुरझाए हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए … haay re … Continue reading →

१९६० – अनुराधा – जाने कैसे सपनों में खो गईं | 1960 – Anuradha – jane kaise sapnon mein kho gayin

जाने कैसे सपनों में खो गईं अँखियाँ मैं तो हूँ जागी, मोरी सो गईं अँखियाँ अजब दीवानी भईं, मोसे अनजानी भईं पल में पराई देखो हो गईं अँखियाँ मैं तो हूँ जागी, मोरी सो गईं अँखियाँ जाने कैसे सपनों में … बरसी ये कैसी धारा, काँपे तन-मन सारा रंग से अंग भिगो गईं अँखियाँ मैं … Continue reading →