तुम्हारा दिल मेरे दिल के बराबर हो नहीं सकता वो शीशा हो नहीं सकता, ये पत्थर हो नहीं सकता हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे, सुनिए कि न सुनिए सौ बार इसे दोहराएँगे, सुनिए कि न सुनिए हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे रहेगा इश्क़ तेरा ख़ाक में मिलाके मुझे हुए हैं इब्तिदा में रंज इंतेहा के मुझे हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे … Continue reading