होंठों पे सच्चाई रहती है, जहँ दिल में सफ़ाई रहती है हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है मेहमाँ जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है ज़्यादा की नहीं लालच हमको, थोड़े में गुज़ारा होता है बच्चों के लिए जो धरती माँ, सदियों से सभी कुछ सहती … Continue reading
ओ बसंती पवन पागल, ना जा रे ना जा रोको कोई ओ बसंती पवन पागल बनके पत्थर हम पड़े थे, सूनी-सूनी राह में जी उठे हम जबसे तेरी बाँह आई बाँह में छीनकर नैनों से काजल, ना जा रे ना जा रोको कोई ओ बसंती पवन पागल… याद कर, तूने कहा था, प्यार से संसार … Continue reading
रे आनेवाले आ, तू देर ना लगा हर आहट पे हो धक-से दीवाना दिल मेरा रे आनेवाले आ कबसे तेरी राहों में खड़ी मैं बेक़रार बोला जो पपीहा, थी वो मेरी ही पुकार फूलों को सजाए जैसे बाग़ों में बहार आँखों में सजाए मैंने सपने हज़ार रे आनेवाले आ … पापी मेरा दिल मेरे बस … Continue reading
पानी पे बरसे जब पानी, जब हों फ़िज़ाएँ दीवानी फिर तो ऐसे मौसम में, करता है दिल भी नादानी कुछ ढूँढ़ती हैं दो आँखें, कुछ खोजता है मन मेरा वो कौन है कहाँ पर है, जिसके ख़याल ने घेरा पानी पे बरसे जब पानी … बिजली चमक-चमककर क्यूँ हमें मुँह-चिढ़ाए जाती है नटखट इशारे कर-करके … Continue reading
बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ऐसे मनमौजी को मुश्किल है समझाना है ना! दुल्हन बनूँगी मैं, डोली चढ़ूँगी मैं दूर कहीं बालम के दिल रहूँगी मैं तुम तो पराए हो, यूँ ही ललचाए हो जाने किस दुनिया से, जाने क्यूँ आए हो बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ऐसे मनमौजी को मुश्किल है समझाना लहराती आऊँ … Continue reading
आ अब लौट चलें नैन बिछाए, बाँहें पसारे, तुझको पुकारे देश तेरा आ जा रे, आ जा रे सहज है सीधी राह पे चलना, देखके उलझन बचके निकलना कोई ये चाहे माने न माने, बहुत है मुश्किल गिरके सँभलना आ अब लौट चलें… आँख हमारी मंज़िल पर है, दिल में ख़ुशी की मस्त लहर है … Continue reading
परवानों की राह में, दीवानों की चाह में जलूँ और जलाऊँ, मोहब्बत निभाऊँ मेरा बस यही काम है लाख कहूँ मैं दिलवालो इधर ना आना पास से गुज़रो तो दामन बचाके जाना मैं मीठी तपन हूँ, मचलती अगन हूँ नहीं है ये दिन, शाम है परवानों की राह में … शाम से ही मेरी दुनिया … Continue reading
बोल मेरी तक़्दीर में क्या है, मेरे हमसफ़र अब तो बता जीवन के दो पहलू हैं, हरियाली और रास्ता कहाँ है मेरे प्यार की मंज़िल, तू बतला, तुझको है पता जीवन के दो पहलू हैं, हरियाली और रास्ता जहाँ हम आके पहुँचे हैं, वहाँ से लौटकर जाना नहीं मुमकिन, मगर मुश्किल है दुनिया से भी … Continue reading
लाखों तारे आसमान में, एक मगर ढूँढ़े ना मिला देखके दुनिया की दीवाली, दिल मेरा चुपचाप जला लाखों तारे आसमान में, एक मगर ढूँढ़े ना मिला क़िस्मत का है नाम मगर, है काम ये दुनियावालों का फूँक दिया है चमन हमारे ख़्वाबों और ख़यालों का जी करता है, ख़ुद ही घोंट दें अपने अरमानों का … Continue reading
एक था राजा, एक थी रानी आओ सुनाऊँ उनकी कहानी थे वो बचपन के साथी, एक दूजे के दीवाने खेला करते थे मिलकर, मिलकर गाते थे गाने दिन थे वो उजले, रातें सुहानी, आओ सुनाऊँ उनकी कहानी एक था राजा, एक थी रानी आओ सुनाऊँ उनकी कहानी वो उड़े बादलों के संग, वो इंद्रधनुष पे … Continue reading