Songs of Shailendra::
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Lyrics

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१९६३ – अपने हुए पराए – फिर कोई मुस्कुराया फिर एक फूल खिला | 1963 – Apne Huye Paraye – phir koi muskuraya phir koi phool khila

फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला कोई बुलाए और कोई आए, अब दिल चाहे क्या फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला ज़िंदगी फिर वही गीत गुनगुनाने लगी इस गली झूमती फिर बहार आने लगी फिर कोई मुस्कुराया … दिल मेरे झूम ले, याद करके उस शाम को बहके हम जिस घड़ी, पीके प्यार … Continue reading

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – दुनिया की सैर कर लो | 1967 – Around The World – duniya ki sair kar lo

दुनिया की सैर कर लो, दुनिया की सैर कर लो इन्साँ के दोस्त बनकर, इन्साँ से प्यार कर लो Around the world in 8 dollars Around the world in 8 dollars Los Angeles भड़कीला, जहाँ Hollywood है रंगीला देखो Disneyland में आकर, परियों का देश धरतीपर दुनिया की सैर कर लो … जब Grand Canyon … Continue reading

१९६३ – एप्रिल फ़ूल – आ गले लग जा मेरे अपने मेरे सपने मेरे पास आ | 1963 – April Fool – aa gale lag ja mere apne mere sapne mere paas aa

आ गले लग जा मेरे सपने, मेरे अपने मेरे पास आ आबाद है तू मेरी धड़कनों में, मेरी जान तुझमें बसी है बादल से जो आस है मोर को मेरे दिल को वो तुझसे लगी है एक तेरी मुस्कान, अँगड़ाई लेती हुई मेरी तक़्दीर जागे एक तेरी झलकी, चली आएँ पल में मेरी मंज़िलें मेरे … Continue reading

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – जाने भी दे सनम मुझे | 1967 – Around The World – jane bhi de ae sanam mujhe

जाने भी दे ऐ सनम मुझे अभी जाने जाने जाने जाने दे कल भी तो फिर मिलेंगे हम जाने दे, जाने जाने दे जाने भी दे ऐ सनम मुझे देख रहे हैं दुनियावाले क्या समझेंगे मन के काले छोड़ दे दामन, ओ मतवाले जाने जाने जाने दे जाने भी दे ऐ सनम मुझे … दिल … Continue reading

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – जोश-ए-जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से | 1967 – Around The World – josh-e-jawani haay re haay nikale jidhar se

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से धूम मचाए दुनिया का मेला, मैं हूँ अकेला कितना अकेला हूँ मैं शाम का रंगीं शोख़ नज़ारा और बेचारा ये दिल ढूँढके हारा कोई सहारा पर ना मिली मंज़िल जोश-ए-जवानी हाय रे हाय … कोई तो हमसे दो बात करता कोई तो कहता हलो घर ना बुलाता, पर … Continue reading

१९६२ – असली नक़ली – कल की दौलत आज की ख़ुशियाँ | 1962 – Asli Naqli – kal ki daulat aaj ki khushiyan

कल की दौलत आज की ख़ुशियाँ उनकी महफ़िल अपनी गलियाँ असली क्या नक़्ली क्या है, पूछो दिल से मेरे तोड़के झूठे नाते-रिश्ते आया मैं दिलवालों में सच कहता हूँ, चोर थे ज़्यादा दौलत के रखवालों में कल की दौलत आज की ख़ुशियाँ … उस दुनिया ने बात न पूछी, इस दुनिया ने प्यार दिया बैठा … Continue reading

१९६२ – असली नक़ली – तेरा मेरा प्यार अमर | 1962 – Asli Naqli – tera mera pyar amar

तेरा-मेरा प्यार अमर फिर क्यूँ मुझको लगता है डर मेरे जीवनसाथी बता क्यूँ दिल धड़के रह-रहकर क्या कहा है चाँद ने, जिसको सुनके चाँदनी हर लहर पे झूमके, क्यूँ ये नाचने लगी चाहत का है हरसू असर फिर क्यूँ मुझको लगता है डर तेरा-मेरा प्यार अमर … कह रहा है मेरा दिल, अब ये रात … Continue reading

१९६४ – आई मिलन की बेला – आहा आई मिलन की बेला देखो आई | 1964 – Ayee Milan Ki Bela – aha aayi milan ki bela dekho aayi

आहा आई मिलन की बेला देखो आई बनके फूल हर कली मुस्कुराई अहा आई मिलन की बेला देखो आई उनसे नैन मिले मैं शरमाई आहा आई मिलन की बेला जाने क्यूँ तेज़ हुई जाती है दिल की धड़कन चुटकियाँ लेती है क्यूँ सीने में मीठी-सी चुभन प्यार जो करते हैं होता है यही हाल उनका … Continue reading

१९५८ – बाग़ी सिपाही – ऐ दिलबर दिलवाले प्यार पे मरनेवाले | 1958 – Baaghi Sipahi – ae dilbar dilwale pyar pe marnewale

ऐ दिलबर दिलवाले, प्यार पे मरनेवाले दिल की लगी यूँ न बुझी, आग से आग बुझा ले ऐ दिलबर दिलवाले दूर-दूर-दूर से ये खेल किस काम के देख-देख-देख जानाँ, दामन को थामके छेड़के साज़-ए-दिल को, फिर वो तराना गा ले दिल की लगी यूँ न बुझी, आग से आग बुझा ले ऐ दिलबर दिलवाले झूम-झूम-झूमके … Continue reading

१९६० – अनुराधा – कैसे दिन बीते कैसे बीतीं रतियाँ | 1960 – Anuradha – kaise din beete kaise beeti ratiyan

कैसे दिन बीते, कैसे बीतीं रतियाँ पिया जाने ना नेहा लगाके मैं पछताई सारी-सारी रैना निंदिया ना आई जानके देखो मेरे जी की बतियाँ पिया जाने ना हाय, कैसे दिन बीते … रुत मतवाली आके चली जाए मन ही मेरे मन की रही जाए खिलने को तरसे नन्ही-नन्ही कलियाँ पिया जाने ना हाय, कैसे दिन … Continue reading