कैसे मनाऊँ पियवा, गुण मेरे एकहू नाहीं आई मिलन की बेला, घबराऊँ मन माहीं कैसे मनाऊँ पियवा साजन मेरे आए, धड़कन बढ़ती जाए नैना झुकते जाएँ, घूँघट ढलका जाए तुझसे क्यूँ शर्माए, आज तेरी परछांईं कैसे मनाऊँ पियवा मैं अनजान पराई, द्वार तिहारे आई तुमने मुझे अपनाया, प्रीत की रीत निभाई हाय रे, मन की … Continue reading
अकेला तुझे जाने ना दूँगी बनके छैंया मैं संग-संग चलूँगी अकेला तुझे जाने ना दूँगी पूरब-दिस है जादू-टोना, भोला है मेरा सजन सलोना कोई बहका ले तो मैं क्या करूँगी अकेला तुझे जाने ना दूँगी चढ़ती नदिया बहता पानी, ढाए सौ-सौ जुलम जवानी गहरी धारा, मैं कब तक बहूँगी अकेला तुझे जाने ना दूँगी हमरा … Continue reading
झुक-झुक-झुक-झूम घटा छाई रे, मन मोरा लहराए पीहू पीहू पीहू पीहू पपीहा गाए, हाय झुक-झुक-झुक-झूम घटा छाई रे, घटा छाई रे गली-गली आज छिड़ी बादलों की रागिनी चंचल नारी-सी हँसे मतवारी दामिनी मस्तीभरी झूमे सावन की परी सुनके रिमझिम की झड़ी, जिया ललचाए, हाय झुक-झुक-झुक-झूम घटा छाई रे, घटा छाई रे दूर-दूर देश गईं संग … Continue reading
बदल चली है जो उनकी नज़र तो क्या कीजे वफ़ा का थामके दामन, ये इल्तजा कीजे जादू बुरा बंगाल का, पूरब ना जइहो बालमा ना जइहो मेरे बालमा, पूरब ना जइहो बालमा जीतेजी दिल पे जुदाई का तीर सहना पड़ा जलाके आशियाँ अपना, कफ़स में रहना पड़ा हाय, लिखा है ये कौनसे पत्थर ने ये … Continue reading
देखो न जाओ ऐ बेरहम दिल ना दुखाओ ऐ बेरहम हमसे नज़र तो मिलाओ, एक दफ़ा मुस्कुराओ देखो न जाओ ऐ बेरहम बहुत मुंतज़िर था ये दिल, कि फिर से मुलाक़ात हो ज़ुबाँ से न हो तो न हो , निगाहों से ही बात हो देखो न जाओ ऐ बेरहम … मेरे इश्क़ की इब्तिदा, … Continue reading
देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन दिल ना दुखाओ ऐ जान-ए-मन हमसे नज़र तो मिलाओ, एक दफ़ा मुस्कुराओ देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन लगी दिल की छुपती है क्या, जो हमसे छुपाते हो तुम मोहब्बत में दे देंगे जान, किसे आज़माते हो तुम देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन … मोहब्बत बुरी चीज़ है, तो हम भी … Continue reading
क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! मैं भी दिलवाला, किसीका मतवाला ज़रा मेरी भी सुन जाना क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! जाओ न मेरी सूरत पर ये सब है गर्दिश का असर अंदर से कुछ और हूँ मैं आता हूँ कुछ और नज़र क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! … सीधी-सीधी … Continue reading
चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी गाड़ी में निकली अपनी सवारी थोड़े अगाड़ी, थोड़े पिछाड़ी थोड़े अगाड़ी, थोड़े पिछाड़ी चुन्नू छबीले, मुन्नु हठीले मखमल की टोपी, छोटू रंगीले लल्लू बटाटा, लल्ली टमाटा गामा बनेंगे गट्टू गठीले पेट में इनके लंबी-सी दाढ़ी चक्के में चक्का … उमर में कच्चे, ये छोटे बच्चे हैं भोले-भाले, हैं सीधे-सछे … Continue reading
हसीन हो तुम, ख़ुदा नहीं हो, तुम्हारा सिजदा नहीं करेंगे मगर मोहब्बत में हुक़्म दोगे, तो हँसते-हँसते ये जान भी देंगे हसीन हो तुम, ख़ुदा नहीं हो समझते हो ख़ुद को न जाने क्या तुम, कि सारी दुनिया को ख़ाक जाना ग़ुरूर का सर झुकेगा एक दिन, हँसेगा तुम पर भी ये ज़माना हमेशा ये … Continue reading
आजा री चाँदनी आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके आजा हमने नैन बिछाए, आजा बैठे लगन लगाए, आजा अब तो रहा न जाए, आजा आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके आजा जब-जब मौसम ले अंगड़ाई, बिजली चमकी, बदली छाई राम ही जाने क्या है बात, नींद न आए सारी रात आजा री चाँदनी … Continue reading