बता दो कोई, कौन गली गए श्याम कौन गली गए श्याम बता दो कोई, कौन गली गए श्याम झूठा धीरज आस दिलाकर, अचक-अचानक बाँह छुड़ाकर गए वो, हम रह गए यहाँ, दो टूक कलेजा थाम कौन गली गए श्याम बता दो कोई, कौन गली गए श्याम पलछिन-मात ज़माने बीते, शरद-बसंत सुहाने बीते बार-बार झुक पड़े … Continue reading
बता दो कोई, कौन गली गए श्याम कौन गली गए श्याम बता दो कोई, कौन गली गए श्याम झूठा धीरज आस दिलाकर, अचक-अचानक बाँह छुड़ाकर वो तो गए, हाय, रह गए यहाँ हम, हाय, कलेजा थाम कौन गली गए श्याम बता दो कोई, कौन गली गए श्याम वो छलिया निकले हरजाई, जिन संग हमने प्रीत … Continue reading
काहे बनो जी अनजान, जादू डारके जागूँ मैं सारी-सारी रात, जिया हारके काहे बनो जी अनजान, जादू डारके कोई तो बताए मोहे, किसका क़सूर है अँखियाँ दीवानी, मेरा दिल मजबूर है कैसे सहूँ मैं ये सलोने दुख प्यार के काहे बनो जी अनजान … सपनों में आके मिले नए-नए भेस में नदिया-किनारे कभी तारों के … Continue reading
सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं हमें डर है हम खो न जाएँ कहीं सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं ये कौन हँसता है फूलों में छुपकर बहार बेचैन है किसकी धुन पर कहीं गुनगुन, कहीं रुनझुन, कि जैसे नाचे ज़मीं सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं … ये गोरी नदियों का चलना उछलकर कि … Continue reading
तुम्हारा दिल मेरे दिल के बराबर हो नहीं सकता वो शीशा हो नहीं सकता, ये पत्थर हो नहीं सकता हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे, सुनिए कि न सुनिए सौ बार इसे दोहराएँगे, सुनिए कि न सुनिए हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे रहेगा इश्क़ तेरा ख़ाक में मिलाके मुझे हुए हैं इब्तिदा में रंज इंतेहा के मुझे हम हाल-ए-दिल सुनाएँगे … Continue reading
नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए बाक़ी जो बचा था, काले चोर ले गए खाके-पीके मोटे होके चोर बैठे रेल में चोरोंवाला डब्बा कटके पहुँचा सीधा जेल में नानी तेरी मोरनी को … उन चोरों की ख़ूब ख़बर ली मोटे थानेदार ने मोरों को भी ख़ूब नचाया जंगल की सरकार ने नानी तेरी मोरनी … Continue reading
सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे, सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे ये मेला दो घड़ी का, दो दिनों की है बहार समय की बहती धार कहती जाती है पुकार मेहमान कब रुके हैं कैसे रोके जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली … Continue reading
कोई मतवाला आया मेरे द्वारे अँखियों से कर गया अजब इशारे कोई मतवाला आया मेरे द्वारे क्या मन उसके मैं क्या जानूँ छलिया को मैं क्या पहचानूँ जाने क्यूँ मेरा नाम पुकारे कोई मतवाला आया … जबसे गया है भोला बचपन नैना चंचल, नटखट है मन अब नहीं कुछ भी बस में हमारे कोई मतवाला … Continue reading
क़रीब आओ, न तड़पाओ हमें कहना है कुछ तुमसे, तुम्हारे कानों में क़रीब आओ ग़म-ए-फ़ुर्क़त से हमें फ़ुर्सत है, मेरी क़िस्मत है कि आए तुम कुछ भी न लाए तो भी क्या ग़म है, यही क्या कम है कि आए तुम क़रीब आओ … झूमेगा ज़माना मेरी छम-छम पे, आज मौसम पे जवानी है तेरी … Continue reading
टीन-कनस्तर पीट-पीटकर, गला फाड़कर चिल्लाना यार मेरे, मत बुरा मान, ये गाना है न बजाना है टीन-कनस्तर नाच के बदले कमर नचाना, उछलके सर्कस दिखलाना भूल है तेरी, तू समझा है दुनिया पागलख़ाना है टीन-कनस्तर उधर से लेकर इधर जमाकर, कब तक काम चलाओगे किसका रहा ज़माना, एक दिन महफ़िल से उठ जाओगे नक़ल का … Continue reading