Songs of Shailendra::
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Lyrics

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१९५३ – मयूरपंख – ये बरखा बहार | 1953 – Mayurpankh – ye barkha bahar

ये बरखा बहार सौतनिया के द्वार न जा मोरे साँवरे पिया न जा मोरे साँवरे पिया अँधेरी रात, घटाओं से दर्द बरसेगा तेरे बिना जलेगी सेज, प्यार तरसेगा मैं रो-रो मरूँ, तोरे पैंया पड़ूँ न जा मोरे साँवरे पिया ये बरखा बहार … तेरे बग़ैर क्या मज़ा है ज़िंदगानी में न जाओ बेरहम, लगाके आग … Continue reading

१९५८ – मधुमती – टूटे हुए ख़्वाबों ने | 1958 – Madhumati – toote hue khwabon ne

टूटे हुए ख़्वाबों ने, हमको ये सिखाया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया है टूटे हुए ख़्वाबों ने हम ढूँढ़ते हैं उनको, जो मिलके नहीं मिलते रूठे हैं न जाने क्यूँ, मेहमाँ वो मेरे दिल के क्या अपनी तमन्ना थी, क्या सामने आया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया … Continue reading

१९५८ – मधुमती – जंगल में मोर नाचा | 1958 – Madhumati – jungle mein mor naacha

जंगल में मोर नाचा, किसीने ना देखा हम जो थोड़ी-सी पीके ज़रा झूमे, हाय रे सब ने देखा जंगल में मोर नाचा, किसीने ना देखा गोरी की गोल-गोल अँखियाँ शराबी कर चुकी हैं कैसे-कैसों की ख़राबी इनका ये ज़ोर-ज़ुल्म किसीने ना देखा हम जो थोड़ी-सी पीके ज़रा झूमे, हाय रे सब ने देखा जंगल में … Continue reading

१९५८ – मधुमती – चढ़ गयो पापी बिछुआ | 1958 – Madhumati – chadh gayo papi bichhua

ओ ओ ओ ओ बिछुआ, हाय रे पीपल छैँया बैठी पलभर भरके गगरिया, हाय रे होय ओय ओय ओय दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ ओ हाय हाय रे मर गई, कोई उतारो बिछुआ दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ कैसो रे पापी बिछुआ, कैसो रे पापी बिछुआ दैय्या रे, दैय्या … Continue reading

१९५९ – मैं नशे में हूँ – ग़ैर की गली में पिया तूने मेरा नाम लिया | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – gair ki gali mein piya tune mera naam liya

ग़ैर की गली में पिया, तूने मेरा नाम लिया मुझे बदनाम किया, हाय हाय हाय जिसको देखो अब कहता है, दिल है, दिल है, अजी दिल है सभी चाहते हैं मुझसे पहचान कर लें जो मुश्किल है, पहले-से ही आसान कर लें ग़ैर की गली में पिया … कोई कह रहा है, तुम हो बहारों … Continue reading

१९५९ – मैं नशे में हूँ – मैंने तो नहीं पी | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – main ne to nahin pi

मैंने तो नहीं पी, मैं साक़ी बनी थी पीने को तूने पी, क्यूँ नशा मुझे आया क्यूँ नशा मुझे आया दिखाकर सपनों की झलकी, भुला बैठे बातें कल की हमीं से अब कतराते हो, बड़े भोले बनते हो जी तुम्हारी जो कहानी है, हमारी भी कहानी है ये कैसी बेज़ुबानी है, ना बोले कुछ भी … Continue reading

१९५५ – मदभरे नैन – आ पलकों में आ | 1955 – Madbhare Nain – aa palkon mein aa

आ, पलकों में आ, सपने सजा बेहोश रातों की निंदिया चुरा आ, पलकों में आ जिस रागिनी को भीगी हुई चाँदनी गा रही है मेरे धड़कते दिल से उसीकी सदा आ रही है आ, पलकों में आ … ये प्यास कैसी है, आकर ये जलते सितारों से पूछ ले बेचैनियाँ मेरी, हर पल मचलती बहारों … Continue reading

१९५५ – मदभरे नैन – मन पंछी अलबेला | 1955 – Madbhare Nain – man panchhi albela

मन पंछी अलबेला, तारों की नगरी में जाए मत पूछो किसकी लाए खबरिया, मन पंछी अलबेला नई-नई पहचान है, उसका नाम ना जाना मैंने मैं कैसे कहूँ मेरा कौन साँवरिया मन पंछी अलबेला पाँव मेरे धरती पे, मेरी नज़र चाँद को चूमे मेरा आँचल उड़े हवाओं में, मेरा तन झूमे मन झूमे कैसी उलझी नजरिया … Continue reading

१९५५ – मदभरे नैन – पहली ना दूसरी तीसरी पसंद है | 1955 – Madbhare Nain – pehli na doosri teesri pasand hai

पहली न दूसरी, तीसरी पसंद है शादी का कर दो इंतज़ाम, मेरी शादी का कर दो इंतज़ाम पूरबी न पश्चिमी, लछ्मी पसंद है शादी का कर दो इंतज़ाम, मेरी शादी का कर दो इंतज़ाम पहली न दूसरी, तीसरी पसंद है शादी का कर दो इंतज़ाम घर में तुम हँसो तो दिये के बिना हो रौशनी … Continue reading

१९५९ – मधु – किसीको ना बताऊँगी | 1959 – Madhu – kisi ko na bataoongi

किसीको ना बताऊँगी, हो चोरी-चोरी जो दिल में समाया, वो कौन है जिसके बिन सूनी मेरी अँखियाँ जैसे चँदा के बिन रतियाँ जिसकी मैं बनी हूँ रे छाया, वो कौन है किसीको ना बताऊँगी … मीठी बतियों से जो भरमाए मोहे जग से दूर बुलाए गीत जिसका पपीहे ने गाया, वो कौन है किसीको ना … Continue reading