ये बरखा बहार सौतनिया के द्वार न जा मोरे साँवरे पिया न जा मोरे साँवरे पिया अँधेरी रात, घटाओं से दर्द बरसेगा तेरे बिना जलेगी सेज, प्यार तरसेगा मैं रो-रो मरूँ, तोरे पैंया पड़ूँ न जा मोरे साँवरे पिया ये बरखा बहार … तेरे बग़ैर क्या मज़ा है ज़िंदगानी में न जाओ बेरहम, लगाके आग … Continue reading
टूटे हुए ख़्वाबों ने, हमको ये सिखाया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया है टूटे हुए ख़्वाबों ने हम ढूँढ़ते हैं उनको, जो मिलके नहीं मिलते रूठे हैं न जाने क्यूँ, मेहमाँ वो मेरे दिल के क्या अपनी तमन्ना थी, क्या सामने आया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया … Continue reading
जंगल में मोर नाचा, किसीने ना देखा हम जो थोड़ी-सी पीके ज़रा झूमे, हाय रे सब ने देखा जंगल में मोर नाचा, किसीने ना देखा गोरी की गोल-गोल अँखियाँ शराबी कर चुकी हैं कैसे-कैसों की ख़राबी इनका ये ज़ोर-ज़ुल्म किसीने ना देखा हम जो थोड़ी-सी पीके ज़रा झूमे, हाय रे सब ने देखा जंगल में … Continue reading
ओ ओ ओ ओ बिछुआ, हाय रे पीपल छैँया बैठी पलभर भरके गगरिया, हाय रे होय ओय ओय ओय दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ ओ हाय हाय रे मर गई, कोई उतारो बिछुआ दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ कैसो रे पापी बिछुआ, कैसो रे पापी बिछुआ दैय्या रे, दैय्या … Continue reading
ग़ैर की गली में पिया, तूने मेरा नाम लिया मुझे बदनाम किया, हाय हाय हाय जिसको देखो अब कहता है, दिल है, दिल है, अजी दिल है सभी चाहते हैं मुझसे पहचान कर लें जो मुश्किल है, पहले-से ही आसान कर लें ग़ैर की गली में पिया … कोई कह रहा है, तुम हो बहारों … Continue reading
मैंने तो नहीं पी, मैं साक़ी बनी थी पीने को तूने पी, क्यूँ नशा मुझे आया क्यूँ नशा मुझे आया दिखाकर सपनों की झलकी, भुला बैठे बातें कल की हमीं से अब कतराते हो, बड़े भोले बनते हो जी तुम्हारी जो कहानी है, हमारी भी कहानी है ये कैसी बेज़ुबानी है, ना बोले कुछ भी … Continue reading
आ, पलकों में आ, सपने सजा बेहोश रातों की निंदिया चुरा आ, पलकों में आ जिस रागिनी को भीगी हुई चाँदनी गा रही है मेरे धड़कते दिल से उसीकी सदा आ रही है आ, पलकों में आ … ये प्यास कैसी है, आकर ये जलते सितारों से पूछ ले बेचैनियाँ मेरी, हर पल मचलती बहारों … Continue reading
मन पंछी अलबेला, तारों की नगरी में जाए मत पूछो किसकी लाए खबरिया, मन पंछी अलबेला नई-नई पहचान है, उसका नाम ना जाना मैंने मैं कैसे कहूँ मेरा कौन साँवरिया मन पंछी अलबेला पाँव मेरे धरती पे, मेरी नज़र चाँद को चूमे मेरा आँचल उड़े हवाओं में, मेरा तन झूमे मन झूमे कैसी उलझी नजरिया … Continue reading
पहली न दूसरी, तीसरी पसंद है शादी का कर दो इंतज़ाम, मेरी शादी का कर दो इंतज़ाम पूरबी न पश्चिमी, लछ्मी पसंद है शादी का कर दो इंतज़ाम, मेरी शादी का कर दो इंतज़ाम पहली न दूसरी, तीसरी पसंद है शादी का कर दो इंतज़ाम घर में तुम हँसो तो दिये के बिना हो रौशनी … Continue reading
किसीको ना बताऊँगी, हो चोरी-चोरी जो दिल में समाया, वो कौन है जिसके बिन सूनी मेरी अँखियाँ जैसे चँदा के बिन रतियाँ जिसकी मैं बनी हूँ रे छाया, वो कौन है किसीको ना बताऊँगी … मीठी बतियों से जो भरमाए मोहे जग से दूर बुलाए गीत जिसका पपीहे ने गाया, वो कौन है किसीको ना … Continue reading