आ गई लो आ गई मैं झूमती अँखियों से अँखियों को चूमती, चूमती आ गई लो आ गई मैं झूमती तुमने बुलाया, चली आई मैं प्यार जताया, ललचाई मैं नैन मिले तो घबराई मैं आ गई लो आ गई मैं झूमती … ऐसे न देखो, शरमाऊँगी फिर कहीं जाके छुप जाऊँगी लाख बुलाओ, नहीं आऊँगी … Continue reading
मैं चली मैं चली, पीछे-पीछे जहाँ ये न पूछो किधर, ये न पूछो कहाँ सजदे में हुस्न के झुक गया आसमाँ लो शुरु हो गई, प्यार की दास्ताँ मैं चली मैं चली जाओ जहाँ कहीं आँखों से दूर, दिल से न जाओगे मेरे हुज़ूर जादू फ़िज़ाओं का छाया सुरूर, ऐसे में बहके तो किसका क़ुसूर … Continue reading
आप नाराज़, ख़ुदा ख़ैर करे नाज़-ओ-अंदाज़, ख़ुदा ख़ैर करे अपनी तो जान पे बन आई है दिल की आवाज़, ख़ुदा ख़ैर करे हमने बुलाया तो न आए आप, मेरे साए से भी कतराए आप आख़िर तो कोई बात है मुझमें, आज जो पास चले आए आप आप नाराज़, ख़ुदा ख़ैर करे … आप अच्छे लगे … Continue reading
ज़रा ठहरो सदा मेरे दिल की ज़रा सुनते जाना खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा, बंद पलक में प्यार जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल आँखों में इक़रार की झलकी, होंठों पे इनकार जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल जिस दिन से देखा तुमको, तुम लगे मुझे अपने-से और आके रहे आँखों में, एक मनचाहे सपने-से … Continue reading
सपनों में मेरे कोई आए-जाए झलकी दिखाए और छुप जाए कुछ ना बोले देखो मेरा मन, हाय रे हाय, वो लेके चला जाए रे जाए सपनों में मेरे कोई आए-जाए मन के नगर में आया है कोई ख़ुशियाँ-ही-ख़ुशियाँ लाया है कोई वो मेरा दिल, हाय रे हाय, लुभाता चला जाए रे जाए सपनों में मेरे … Continue reading
भोले पिया, जाने क्या तुमने किया खो गया मोरा जिया मिलता नहीं मेरा नन्हा-सा जिया हर कहीं ढूँढ़ लिया भोले पिया लाज की मारी मैं चुप-चुप हूँ कहूँ तो जाके कासे कहूँ राह में देखा एक अलबेला और अलबेले ने धोखा दिया भोले पिया … दिन ना बीते अँधेरा ना हो रात आए तो सवेरा … Continue reading
ता दीम ताना दीम, ता दीम दीम दीम कह दो कोई बेदर्दी से जाके कहता है जो आज का मौसम ता दीम ताना दीम, ता दीम दीम दीम ज़िंदगी है दो दिन की, पलछिन की जवानी तू तो न होगा, तेरी रह जाएगी कहानी तेरी एक नज़र में था क्या असर तुझे क्या पता, तुझे … Continue reading
दिल तड़पे, तड़पाए जिनके मिलन को तरसे, वो तो न आए मौसम आए-जाए दिल तड़पे, तड़पाए सपने तो खो गए करके दीवाना मुझे करनी पे अपने दिल की पड़ा पछताना मुझे ख़ुद को मना लूँ, दुखड़े छुपा लूँ दिल की लगी हाय कौन बुझाए दिल तड़पे, तड़पाए सपनों के साथी मेरे दमभर को आजा घायल … Continue reading
मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए टूटे हुए खिलौनों से प्यार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए बनाके ज़िंदगानियाँ बिगाड़ने से क्या मिला मेरी उम्मीद का जहाँ उजाड़ने से क्या मिला आई थी दो दिनों की ये बहार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए ज़रा-सी धूल को हज़ार रूप नाम दे दिए ज़रा-सी … Continue reading
दो दिन की ज़िंदगी में दुखड़े हैं बेशुमार दुखड़े हैं बेशुमार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार उभरेंगे फिर सितारे, चमकेगा फिर से चाँद चमकेगा फिर से चाँद उजड़े हुए चमन में आएगी फिर बहार आएगी फिर बहार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार है धूप कहीं … Continue reading