Songs of Shailendra::
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Lyrics

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१९६१ – रूप की रानी चोरों का राजा – तुम तो दिल के तार छेड़कर | 1961 – Roop Ki Rani Choron Ka Raja – tum to dil ke taar chhedkar

तुम तो दिल के तार छेड़कर, हो गए बेख़बर चाँद के तले जलेंगे हम, ऐ सनम, रातभर तुम तो दिल के तार छेड़कर, हो गए बेख़बर तुमको नींद आएगी, तुम तो सो ही जाओगे किसका ले लिया है दिल, ये भी भूल जाओगे ये तो कह दो एक बार, ख़्वाब में तो आओगे तुम तो … Continue reading

१९६४ – संगम – ओ मेरे सनम | 1964 – Sangam – o mere sanam

ओ मेरे सनम, ओ मेरे सनम दो जिस्म मगर एक जान हैं हम, एक दिल के दो अरमान हैं हम ओ मेरे सनम, ओ मेरे सनम तन सौंप दिया, मन सौंप दिया, कुछ और तो मेरे पास नहीं जो तुमसे है मेरे हमदम, भगवान से भी वो आस नहीं जिस दिन से हुए एक दूजे … Continue reading

१९५६ – राज हठ – आजा आजा आजा नदिया किनारे | 1956 – Raj Hath – aa jaa aa jaa aa jaa nadiya kinare

आजा आजा आजा नदियाकिनारे, तारों की छैंया तोहे कबसे पुकारे तेरे मन को मन का मीत मिला, तेरे भाग से बढ़कर भाग नहीं कल तक डर था इन आहों से, लग जाए ना जग में आग कहीं आजा आजा आजा … हँसकर ये सुहानी रात कहे, हर शाम के वादे पूरे कर दिल ने तेरे … Continue reading

१९५६ – राज हठ – नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे | 1956 – Raj Hath – nache ang ang ang tere aage

नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे बाजे रे, मन-मृदंग बाजे धड़कते दिल का गीत, मेरी प्रीत नाचे रे नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे सारे जग पे जो छाए तूफ़ान हैं जिनसे काँपे आज सातों आसमान हैं ये तो मेरे अरमानों के उठान हैं सलोने ये तो मेरे अरमानों के उठान हैं नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे … उस पार … Continue reading

१९५६ – राज हठ – चले सिपाही धूल उड़ाते | 1956 – Raj Hath – chale sipahi dhool udaate

चले सिपाही धूल उड़ाते, कहाँ किधर कोई क्या जाने कोई कहे ये जलते दीपक, कोई कहे ये परवाने चले सिपाही जीवन की ये अँधी आँधी अपनी राह न देखे किस झोंके में उजड़ जाएगी किसकी चाह, न देखे चले सिपाही धूल उड़ाते, कहाँ किधर कोई क्या जाने चले सिपाही बढ़ते क़दम जहाँ ले जाएँ, तेरा … Continue reading

१९५६ – राज हठ – प्यारे बाबुल से बिछड़के | 1956 – Raj Hath – pyare babul se bichhadke

प्यारे बाबुल से बिछड़के, घर का आँगन सूना करके गोरी कहाँ चली, घूँघट में चाँद छुपाए सुनो कहती है शहनाई, गोरी हो गई पराई चंचल घोड़े पे सवार, लेने साजना आए सूने महल उदास अटारी, रूठी-रूठी-सी फुलवारी दिल में तड़प चेहरे पे हँसी है, हाय लगी ये कैसी कटारी बाबुल काहे को छुपाए, दर्द होंठों … Continue reading

१९५६ – राज हठ – कहाँ से मिलते मोती | 1956 – Raj Hath – kahan se milte moti

कहाँ से मिलते मोती, आँसू हैं मेरी तक़्दीर में बदल दूँ कैसे ऐ दिल, लिखा है जो उस बेपीर ने कहाँ से मिलते मोती जिसकी माँग रह गई सूनी, ज़हर है उसका जीना बिन साजन की नारी जैसे बिना तार की बीना लगा दी आग किसीने, मेरे पाँव बाँध ज़ंजीर में कहाँ से मिलते मोती, … Continue reading

१९६५ – पूनम की रात – तुम कहाँ ले चले हो | 1965 – Poonam Ki Raat – tum kahan le chale ho

तुम कहाँ ले चले हो, सजन अलबेले ये कौनसा जहाँ है बताओ तो, बताओ तो ये सफ़र अनजाना, ये प्यार की हैं राहें ज़रा संग मेरे तुम आओ तो, तुम आओ तो तुम कहाँ ले चले हो तुमने आँखों से क्या जादू डाला मन मेरा हुआ मतवाला, सजन तुमने आँखों से क्या जादू डाला मन … Continue reading

१९६६ – प्यार मोहब्बत – हाय मिल गई मिल गई रे | 1966 – Pyar Mohabbat – haay mil gayi mil gayi mil gayi re

हुस्न को चाँद, जवानी को कँवल कहते हैं कोई सूरत नज़र आए तो ग़ज़ल कहते हैं मिल गई, मिल गई, मिल गई रे, मुझको मोहब्बत मिल गई आख़िर दुखते दिल को मेरे, दर्द से फ़ुरसत मिल गई मिल गई, मिल गई, मिल गई रे, मुझको मोहब्बत मिल गई गुलशन के अनगिन फूलों में, फूल-सा ये … Continue reading

१९५६ – राज हठ – आ गई लो आ गई मैं झूमती | 1956 – Raj Hath – aa gayi lo aa gayi main jhoomati

आ गई लो आ गई मैं झूमती अँखियों से अँखियों को चूमती, चूमती आ गई लो आ गई मैं झूमती तुमने बुलाया, चली आई मैं प्यार जताया, ललचाई मैं नैन मिले तो घबराई मैं आ गई लो आ गई मैं झूमती … ऐसे न देखो, शरमाऊँगी फिर कहीं जाके छुप जाऊँगी लाख बुलाओ, नहीं आऊँगी … Continue reading