मेरी और उनकी प्रीत पुरानी चल-चल जाऊया मुंबईला मुंबई नगरी सबसे प्यारी वहीं बसे मनमीत मेरा हाँ रे रामा जी जी जी जी जी जी गई एक दिन पिया संग मैं आरे देखे रंगीन प्यारे नज़ारे लगा फूलों के देश में आई गई आगे तो देखी पवाई खुला नीला गगन, नीचे मैं थी मगन वहीं … Continue reading
तेरी याद ना दिल से जा सकी आती थी नींद कभी-कभी आज तो वो भी ना आ सकी तारों के साए में कितने सपने देखे थे मिलके हमने-तुमने रूठ गए तुम सपने भी रूठे उनको भी मैं ना मना सकी तेरी याद ना दिल से … रातें वो रातें ना, दिन वो दिन हैं मंज़िल … Continue reading
बाग़ में कली खिली, बगिया महकी पर हाय रे, अभी इधर भँवरा नहीं आया राह में नज़र बिछी बहकी-बहकी और बेवजह घड़ी-घड़ी ये दिल घबराया हाय रे, क्यूँ न आया, क्यूँ न आया, क्यूँ न आया बैठे हैं हम तो अरमाँ जगाए सीने में लाखों तूफ़ान छुपाए मत पूछो मन को कैसे मनाया बाग़ में … Continue reading
प्यार निभाना, भूल न जाना सजन सलोने, मैं भई आज तेरी साथ जिऊँगी, साथ मरूँगी सजन सलोने, सांची ये प्रीत मेरी प्यार निभाना, भूल न जाना सजन सलोने, मैं भई आज तेरी सजनवा, बलमवा, नैना मेरे झुक-झुकके हर बार आगे तेरे, कहते हैं ये प्यार निभाना, भूल न जाना … पलकों में आके, सपने सजाके … Continue reading
तोसे नज़र लड़ी, सजना रे मेरे मन सुई गड़ी, सजना रे दिल की कसक बढ़ी, सजना रे प्यार की आग लगानेवाले, दिल का चैन चुरानेवाले अब मत आँख चुरा तू हमसे, मत तड़पा तड़पानेवाले बैंया थाम अपना रे तोसे नज़र लड़ी … याद आएँ जब तेरी बातें, आँखों में कटती हैं रातें अंदर जलता है … Continue reading
सागर का झलमल पानी, मछरिया बलखाती जाए देखो बलखाती जाए मतवारी देखे मगरमच्छ लोभी, कमरिया लचकाती जाए देखो लचकाती जाए मतवारी सागर का झलमल पानी, मछरिया बलखाती जाए देखो बलखाती जाए मतवारी सोन-रंग मछली, नीलम-रंग पानी है बिखरा गगन पे गुलाल छुपके किनारे से बूढ़े मछेरे ने फैलाए रेशम के जाल बच-बचके जाए वो हाथ … Continue reading
बुलाती है बहार, चले हम दोनों, ओहो ओहो कोयल बोले कुहू कुहू कुहू, पपीहा कहे पीहू पीहू पीहू बुलाती है बहार अंबुवा की डाली-डाली न जाने क्यूँ झुकती जाए चंचल हवा का झोंका संदेसा जाने किसका लाए भँवरों की टोली घूमे, कलियों के मुखड़े चूमे बुलाती है बहार … महकी-सी जाए जब से बहक गई … Continue reading
आए गयो, मोरे मन भाए गयो दिल में समाए गयो राम, बलम मोरा जिया उलझाए गयो रे आए गयो, मोरे मन भाए गयो … रातों की नींद गई, दिन का चैन गया कहीं भी जी न लगे, लगा एक रोग नया चाँदनी रात जले मोरी चँदा के बिना आके मिल जा रे सजन, और तारे … Continue reading
दाँतों का ज़माना, प्यारे दाँत बचाना कोई तोड़ दे या टूटें तो, पास हमारे आना दाँतों का ज़माना होश के तोते उड़ गए होते दुखता जो होता प्यारे तेरा कोई जबड़ा तकिया भिगोते, भूखे ही सोते खीच के मारे होता घरवाली से झगड़ा बैठे न रहते, रह-रहके कहते जल्दी बुलाओ, जल्दी बुलाओ खन्ना कहाँ है? … Continue reading
ज़िंदगी का अजब फ़साना है रोते-रोते भी मुस्कुराना है इश्क़ में जानते हैं जान गई फिर भी कहते हैं आज़माना है कैसी मुश्किल है कोई क्या जाने आग को आग से बुझाना है दिल लगाया था पर न थी ये ख़बर मौत का ये भी एक बहाना है दिल तो कहता है तेरे पास चलूँ … Continue reading