Songs of Shailendra::
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1950s

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१९५९ – हीरा मोती – ओ बेदर्दी आ मिल जल्दी मिलने के दिन आए | 1959 – Heera Moti – o bedardi aa mil jaldi, milne ke din aaye

ओ बेदर्दी, आ मिल जल्दी, मिलने के दिन आए कि तेरे बिन अब तो रहा न जाए कारी कोयलिया सुन मेरे छलिया, डार-डार चिल्लए कि तेरे बिन अब तो रहा न जाए, कि तेरे बिन अब तो रहा न जाए फागुन बीता चैत चढ़ गया, घर-घर बजे बधाए डोली लेके हर प्यारी के प्यारे साजन … Continue reading →

१९६० – हनीमून – अहा रे मगन मेरा चंचल मन | 1960 – Honeymoon – aha re magan mera chanchal man

अहा रे मगन मेरा चंचल मन निसदिन गुनगुन कुछ अपनी ही धुन में गाए पग पायल बाजे रुनझुन-झुन सजना मेरे सुन, अब तुझबिन रहा नहीं जाए जब से दिल में तू आया है, एक जादू-सा मुझपे छाया है एक लहर-सी आई है, तेरे गीतों में दिल लहराया है मेरे घर में चँदा उतर आया है … Continue reading →

१९६० – हनीमून – छुओ ना छुओ ना अलबेले मेरे सैंया | 1960 – Honeymoon – chhuo na chhuo na albele mere sainya

छुओ ना छुओ ना, अलबेले मेरे सैंया, मैं तो नाज़ुक-बदन छुईमुई तू क़रीब आ, ना हमें सता, तेरे हो चुके हैं, तुझे दिल दिया अजी जाओ ना, ललचाओ ना, मीठी बातों से भरमाओ ना तू क़रीब आ, ना हमें सता, तेरे हो चुके हैं, तुझे दिल दिया छुओ ना छुओ ना, अलबेले मेरे सैंया, मैं … Continue reading →

१९५९ – इन्सान जाग उठा – जानूँ-जानूँ री काहे खनके है | 1959 – Insaan Jaag Utha – jaanu jaanu ri kahe khanke hai

जानूँ जानूँ री, काहे खनके है तोरा कंगना जानूँ जानूँ री, काहे खनके है तोरा कंगना मैं भी जानूँ री, छुपके कौन आया तोरे अंगना अरी जानूँ री, छुपके कौन आया तोरे अंगना मैं भी जानूँ री पीपल की छैंया तले बतियाँ बनायके भोले-भाले दिल को ले गया उड़ायके सखी जानूँ री, झूमे है काहे … Continue reading →

१९५६ – जागते रहो – जागो मोहन प्यारे | 1956 – Jagte Raho – jago mohan pyare

जागो जागो जागो जग उजियारा छाए, मन का अँधेरा जाए किरनों की रानी गाए, जागो हे मेरे मनमोहन प्यारे जाग रे जाग रे जाग, कलियाँ जागीं नगर-नगर सब गलियाँ जागीं जाग रे जाग रे जाग रे, जाग रे जाग रे जाग जाग जागो मोहन प्यारे, जागो नवयुग चूमे नैन तिहारे जागो, जागो, जागो मोहन प्यारे … Continue reading →

१९५६ – जागते रहो – ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार | 1956 – Jagte Raho – thandi thandi sawan ki phuahr

ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार, पिया आज खिड़की खुली मत छोड़ो आवे झोंके से पगली बयार, पिया आज बाती जली मत छोड़ो ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार दिये की ज्योति अँखियों में लागे, पलकों पे निंदिया सवार पिया आज बाती जली मत छोड़ो ठण्डी-ठण्डी सावन की फुहार पपीहे ने मन की अग्नि बुझा ली, प्यासा रहा मेरा … Continue reading →

१९५६ – हलाकू – दिल का ना करना ऐतबार कोई | 1956 – Halaku – dil ka na karna aitbar koi

दिल का ना करना ऐतबार कोई भूले-से भी ना करना प्यार कोई लाख मनाया दिल ना माना जानके धोखे में आया दीवाना किसका हुआ है दिल-ए-ज़ार कोई दिल का ना करना … क्यूँ कहते हो प्यार किया था कह दो किसीसे दर्द लिया था बदले में ले गया क़रार कोई दिल का ना करना … … Continue reading →

१९५९ – हीरा मोती – नाच रे धरती के प्यारे | 1959 – Heera Moti – nach re dharti ke pyare

नाच रे धरती के प्यारे, तेरे अरमानों की दुनिया समने है तेरे आज तेरे घर होने को हैं फिर ख़ुशियों के फेरे धान की बाली, ये हरियाली कहती है तुझसे रे जैसे-तैसे कट गई ग़म की रात काली गली-गली शोर है, आएगी दीवाली कड़ी मेहनत की फ़सल, अपने धीरज का ये फल, मीठा लागे रे … Continue reading →

१९५६ – हलाकू – तेरी दुनिया से जाते हैं | 1956 – Halaku – teri duniya se jate hain

तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल में ग़म अपना लिए जाते हैं आँखों में, किसीके प्यार का सपना तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल में ग़म अपना साज़-ए-दिल पे कभी हमने मिलके गाए थे जो नग़्मे उन्हें तुम भूल ही जाना, हमें भी याद मत करना तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल … Continue reading →

१९५७ – एक गाँव की कहानी – ओ हाय कोई देख लेगा | 1957 – Ek Gaon Ki Kahani – o haay koi dekh legaa

ओ हाय, कोई देख लेगा मेरे संग पिया, घबराए मोरा जिया रे हाय, कोई देख लेगा ओ, कोई क्या देख लेगा प्रीत की ये डोरी, दुनिया की नहीं चोरी रे कोई क्या देख लेगा मैं तो ये प्रेम-गली पहले पहल आज चली मेरे संग पिया, घबराए मोरा जिया रे हाय, कोई देख लेगा ओ, परदेसी … Continue reading →