Songs of Shailendra::
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1950s

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१९५२ – नौबहार – कजरारी मतवारी मदभरी दो अँखियाँ | 1952 – Nau Bahar – kajarari matawari madbhari do ankhiyan

कजरारी मतवारी मदभरी दो अँखियाँ, पिया तोरी दो अँखियाँ पिया तोरी इन अँखियन में बैठके मैंने देखी सब दुनिया पिया तोरी दो अँखियाँ कजरारी मतवारी मदभरी दो अँखियाँ, पिया तोरी दो अँखियाँ जैसे नीलकमल की कलियाँ, जैसे भँवर मतवारे प्रीत की अनजानी नगरी के दो अनजाने द्वारे रंग-रस की गलियाँ, पिया तोरी मतवारी मदभरी दो … Continue reading

१९५५ – मुनीमजी – अनाड़ी अनाड़ी रे | 1955 – Munimji – anadi anadi re

दे दिया तो ले-ले दिल, यूँ नहीं तो छुपके मिल तू हमारा हो जा या अपना हमें बना अब ना जी दुखा, किसीकी जान से ना खेल रे अनाड़ी दे दिया तो ले-ले दिल, यूँ नहीं तो छुपके मिल अनाड़ी अनाड़ी अनाड़ी रे झुक पड़ी हैं मस्त बादलों की टोलियाँ पी कहाँ पी कहाँ, पपीहे … Continue reading

१९५५ – मुनीमजी – नैन खोए-खोए तेरे दिल में भी कुछ होए रे | 1955 – Munimji – nain khoye khoye tere dil mein bhi kuchh hoye re

नैन खोए-खोए तेरे दिल में भी कुछ होए रे प्यार ये नहीं तो और क्या है होंठों पे इनकार, तेरी आँखों में इक़रार रे प्यार ये नहीं तो और क्या है दिल ही दिल में तेरा बलखाना, मन में हाँ-हाँ मगर मुँह पे ना-ना बड़ी-बड़ी आँखों से लेके निशाना, घड़ी-घड़ी तीर चलाके तेरा शरमाना प्यार … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – मुन्ना बड़ा प्यारा अम्मी का दुलारा | 1958 – Musafir – munna bada pyara ammi ka dulara

मुन्ना बड़ा प्यारा, अम्मी का दुलारा कोई कहे चाँद, कोई आँख का तारा हँसे तो भला लगे, रोए तो भला लगे अम्मी को उसके बिना कुछ भी अच्छा न लगे जियो मेरे लाल, जियो मेरे लाल तुमको लगे मेरी उमर, जियो मेरे लाल मुन्ना बड़ा प्यारा, अम्मी का दुलारा कोई कहे चाँद, कोई आँख का … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – मन रे हरि के गुण गा | 1958 – Musafir – man re, hari ke gun gaa

हरि के गुण गा, मन रे, हरि के गुण गा उन संग प्रीत लगा, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अहल्या तर गई, भवसागर के पार उतर गई सन्मुख शीश झुका, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अमर भई मीरा, नाम उजागर कर गई मीरा लौ उनसे … Continue reading

१९५९ – मैं नशे में हूँ – मुझको यारो माफ़ करना | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – mujh ko yaaro maaf karna

ज़ाहिद शराब पीने दे, मस्जिद में बैठकर या वो जगह बता दे जहाँपर ख़ुदा न हो मुझको यारो माफ़ करना, मैं नशे में हूँ अब तो मुमकिन है बहकना, मैं नशे में हूँ मुझको यारो माफ़ करना, मैं नशे में हूँ कल की यादें मिट रही हैं, दर्द भी है कम अब ज़रा आराम से … Continue reading

१९५९ – मैं नशे में हूँ – नज़र-नज़र से हो रही है बात प्यार की | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – nazar nazar se ho rahi hai baat pyar ki

नज़र-नज़र से हो रही है बात प्यार की मचल-मचल रही है रात ये बहार की घड़ी नहीं ये सब्र की न इंतज़ार की मचल-मचल रही है रात ये बहार की बहक चले, लहक चले दिल के ये अरमाँ इधर भी हैं उधर भी हैं एक-से तूफ़ाँ ये रात प्यार की, दिलों के हार की नज़र-नज़र … Continue reading

१९५३ – मयूरपंख – मैं तो चलूँ पश्चिम | 1953 – Mayurpankh – main to chaloon pashchim

मैं तो चलूँ पश्चिम, पूरब चले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया जबसे किसीको बसाया है दिल में हलचल है ग़ैरों की हर महफ़िल में मेरे घर चँदा, सूरज तले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया मैं तो चलूँ पश्चिम … सपनों में वो जबसे आने लगे हैं शाम-ओ-सहर मुस्कुराने लगे हैं मेरी … Continue reading

१९५३ – मयूरपंख – तंदाना तंदाना … मुश्किल है प्यार छुपाना | 1953 – Mayurpankh – tandana tandana … mushkil hai pyar chhupana

तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना मुश्किल है प्यार छुपाना, तंदाना तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना प्रीत नई दर्द पुराना, तंदाना तू कहीं और का, मैं कहीं और की भँवरा कहीं और का, कली कहीं और की फिर भी हैं मिलने के लाख बहाने तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना नैना चुराके न जाना, तंदाना मौसम बहार का एक बार … Continue reading

१९५३ – मयूरपंख – ये बरखा बहार | 1953 – Mayurpankh – ye barkha bahar

ये बरखा बहार सौतनिया के द्वार न जा मोरे साँवरे पिया न जा मोरे साँवरे पिया अँधेरी रात, घटाओं से दर्द बरसेगा तेरे बिना जलेगी सेज, प्यार तरसेगा मैं रो-रो मरूँ, तोरे पैंया पड़ूँ न जा मोरे साँवरे पिया ये बरखा बहार … तेरे बग़ैर क्या मज़ा है ज़िंदगानी में न जाओ बेरहम, लगाके आग … Continue reading