Songs of Shailendra::
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Amarendra R N

Amarendra R N has written 570 posts for शैलेंद्र के गीत | Songs of Shailendra

Songs of Shailendra – A compilation of Theme/ Title Songs {December 14, 2013}

बरसात में हमसे मिले तुम सजन | barsaat mein hum se mile tum sajan :: Shailendra’s first Hindi Film song was also one of the first Title/ Theme songs written for Hindi Films. He went on to write many more Title/ Theme songs, aptly describing the theme and/or the protagonist through his poetry. Here is … Continue reading →

१९६१ – सपन सुहाने – घूँघट हटा न देना गोरिये | 1961 – Sapan Suhane – ghunghat hata na dena goriye

घूँघट हटा ना देना गोरिये, चँदा शरम से डूबेगा कहीं मुस्कुरा ना देना बलिये, चँदा शरम से डूबेगा कजरारी मतवारी रसभरी अँखियों से घूँघट हटा ना देना गोरिये, चँदा शरम से डूबेगा देखके तेरे गाल गुलाबी भँवरा धोखा खाए तेरे तीर का मारा मुख से पानी माँग न पाए घूँघट हटा ना देना गोरिये … … Continue reading →

१९६१ – सपन सुहाने – नाम मेरा निम्मो, मुकाम लुधियाना | 1961 – Sapan Suhane – naam mera nimmo, mukaam ludhiyana

नाम मेरा निम्मो, मुकाम लुधियाना संग लिए डोलूँ मैं प्यार का खज़ाना हो रहूँगी तेरी, ला दिल नज़राना यूँही रे यूँही तू मत ललचाना आहा रे, आह झूमती नवेली, आहा रे, आहा नार अलबेली आहा रे, आहा प्यार की पहेली, आहा रे, आहा नार अलबेली आहा आहा आहा आहा आहा नाम मेरा निम्मो, मुकाम लुधियाना … Continue reading →

१९५२ – परबत – बेरहम, मार डालेगा मुझको तेरा ग़म | 1952 – Parbat – beraham maar dalega mujhako tera gham

बेरहम, मार डालेगा मुझको तेरा ग़म अब तो आजा, मेरे बालम, अब तो आजा ये समाँ, ओ सनम, बेबसी का ये आलम अब तो आजा, मेरे बालम, अब तो आजा हमने माना हमारा क़सूर है देके दिल दर्द होता ज़रूर है दर्द में मुस्कुराना सिखा जा, आजा अब तो आजा, मेरे बालम, अब तो आजा … Continue reading →

१९५२ – नौबहार – फूल चुन ले मेरे बालम | 1952 – Nau Bahar – phool chun le mere balam

फूल चुन ले मेरे बालम कि जाने कब डाल झुके, जाने कब आवे ये मौसम जैसे गाल किसी गोरी के, ऐसे खिले गुलाब सूरज की चंचल किरनों की नीयत हुई ख़राब चलते हैं तीर हरदम कि जाने कब डाल झुके, जाने कब आवे ये मौसम रात के तारे फुलवा बन गए सपनों के सौ रंग … Continue reading →

१९५९ – अनाड़ी – 1956 1957 1958 1959 | 1959 – Anari – 1956 1957 1958 1959

१९५६, १९५७, १९५८, १९५९ दुनिया का ढांचा बदला, क़िस्मत का सांचा बदला आँखें तो खोलो ज़रा, लाला हो कहाँ ताज निराले, राज निराले, जीवन के सारे साज़ निराले महफ़िल-महफ़िल घूम धरतीके जाएँ, अंबर पे छाएँ फैलाके बाँहें चँदा बुलाए आ तारों को चूम 1959, 1959, 1959 1956, 1957, 1958, 1959 कल की कहानी हो गई … Continue reading →

१९६७ – गुनाहों का देवता – चाहा था बनूँ प्यार की राहों का देवता | 1967 – Gunahon Ka Devta – chaha tha banoon pyar ki rahon ka devta

चाहा था बनूँ प्यार की राहों का देवता मुझको बना दिया है गुनाहों का देवता ये ज़िंदगी एक ख़्वाब है, जीना भी है नशा दो घूँट मैंने पी लिए, तो क्या बुरा किया रहने दो जाम सामने, सबकुछ यही तो है हर ग़मज़दा के आँसुओं-आहों का देवता मुझको बना दिया है गुनाहों का देवता क़िस्मत … Continue reading →

१९५१ – काली घटा – il est belle, आ रे, दिन हैं प्यारे-प्यारे | 1951 – Kali Ghata – il est belle, aa re, din hai.n pyaare-pyaare

il est belle, आ रे, दिन हैं प्यारे-प्यारे mon chou, tu mon cheri, तू मेरा मैं तेरी ऐसे में तू आजा रे, ऐसे में तू आजा रे उल्फ़त की है ये नशीली हवा पत्थर का दिल पानी-पानी हुआ काली घटा आई बलखाती, देखो इठलाती il est belle, आ रे … देखा है तुझे कहीं ना … Continue reading →

१९५५ – मुनीमजी – घायल हिरनिया मैं बन-बन डोलूँ | 1955 – Munimji – ghayal hiraniya main ban ban doloon

घायल हिरनिया मैं बन-बन डोलूँ किसका लगा बाण, मुख-से न बोलूँ घायल हिरनिया मुड़के जो देखूँ तो बचपन बुलाए पलकों में लेकिन कोई मुस्कुराए जी को दुखाऊँ कि पी संग हो लूँ घायल हिरनिया मैं बन-बन डोलूँ जबसे ये नैना बलम संग लागे दुख-सुख मेरे मन में एक संग जागे पल में हँसूँ, पल में … Continue reading →

१९५५ – बसंत बहार – केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले | 1955 – Basant Bahar – ketki gulab juhi champak ban phuule

केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले रितु बसंत, अपनो कंत गोरी गरवा लगाए झुलना में बैठ आज पी के संग झूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले गल-गल कुंज-कुंज, गुन-गुन भँवरों की गुंज राग-रंग अंग-अंग, छेड़त रसिया अनंग कोयल की पंचम सुन दुनिया दुख भूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले मधुर-मधुर थोरी-थोरी, मीठी बतियों … Continue reading →