Songs of Shailendra::
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Amarendra R N

Amarendra R N has written 570 posts for शैलेंद्र के गीत | Songs of Shailendra

१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – तुझसे नज़र मिलाने में | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – tujhse nazar milane mein

तुझसे नज़र मिलाने में, घूमके फिर शरमाने में देर लगी बस इतनी-सी, हाथ से दिल के जाने में तुझसे नज़र मिलाने में प्यार का मौसम आ ही गया, गुपचुप फूल खिला ही गया मस्त हवा के झोंके में, आँचल था लहरा ही गया झूमके आने जाने में ओ, तुझसे नज़र मिलाने में … तीर-ए-नज़र ने … Continue reading

१९७० – मेरा नाम जोकर – अंग लग जा बालमा | 1970 – Mera Naam Joker – ang lag ja baalma

करे-कारे बदरा, सूनी-सूनी रतिया, सजना बिजुरी जो चमके, धड़क जाए छतिया, सजना मैं अकेली पिया, लरजे मोरा जिया, ऐसे में तू न जा अंग लग जा बालमा, मोरे अंग लग जा बालमा मैं अकेली पिया, लरजे मोरा जिया, ऐसे में तू न जा मोरे अंग लग जा बालमा, मोरे अंग लग जा बालमा आज हवाएँ … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – भुला दे ज़िंदगी के ग़म | 1964 – Mem Didi – bhula de zindagi ke gham

भुला दो ज़िंदगी के ग़म, तराना छेड़ो प्यार का कि आ रहा है, आ रहा है कारवाँ बहार का कली-कली से कह दो, हमसे मुस्कुराना सीख ले कहाँ है भँवरा, आके हमसे गुनगुनाना सीख ले ये दिन है सारी ज़िंदगी में सिर्फ़ एक बार का कि आ रहा है, आ रहा है कारवाँ बहार का … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ | 1964 – Mem Didi – beta wow wow, mere kaan mat khao

बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ सोने की कटोरी में चलके दूध-भात खाओ बेटा वाओ वाओ वाओ आज मैं छुईमुई लड़की, बहू बनूँगी बड़े घर की होगा तू दरबान मेरा, रानी मैं रूपनगर की बेटा वाओ वाओ वाओ … लंच-डिनर पे हरदिन रहेगा आना-जाना खाएँगे हम बिर्यानी, और तू बिस्कुट खाना बेटा वाओ … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – हु तू तू तू | 1964 – Mem Didi – hu tu tu tu

हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो घर में चूल्हा फूँकें, मज़े करे तू हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो लड़ें ज़िंदगी से, हमसे लड़े तू हु तू तू तू, तू ढोल बाजे, ताशे बाजे और बाजी शहनाई बाबुल की मैं लाडली … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – रातों को जब नींद उड़ जाए | 1964 – Mem Didi – raton ko jab neend ud jaye

रातों को जब नींद उड़ जाए, घड़ी-घड़ी याद कोई आए किसी भी सूरत से बहले ना दिल तब क्या किया जाए, बोलो क्या किया जाए ये तो प्यार का रोग है, रोग बुरा जिसे एक दफ़ा ये लगा सो लगा चँदा को देख आग लग जाए, तन्हाई में चाँदनी न भाए ठण्डी हवाओं में काँपे … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – बचपन ओ बचपन | 1964 – Mem Didi – bachpan o bachpan

बचपन ओ बचपन, प्यारे-प्यारे बचपन हो ल ला, सच बतला कहाँ गया तू छोड़के घर में सहन में ढूँढ़ा, जंगल में बन में ढूँढ़ा कलियों से जाके पूछा, सारे चमन में ढूँढ़ा रिश्ते वो सारे तोड़के बचपन ओ बचपन … जिस दिन से तू गया है, ये दिल मचल रहा है दुनिया है कुछ अजब-सी, … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – मैं जानती हूँ | 1964 – Mem Didi – main janati hoon

मैं जानती हूँ, तुम झूठ बोलते हो फिर भी कहो अजी फिर से कहो, तुमको मुझसे प्यार है तुम जानती हो, मैं सच बोलता हूँ फिर भी सुनो लो फिर से सुनो, मुझको तुमसे प्यार है मैं जानती हूँ आँखों में झाँको मेरे सपनों की रानी पढ़के तो देखो मेरे दिल की कहानी मैं जानती … Continue reading

१९५९ – मैं नशे में हूँ – मुझको यारो माफ़ करना | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – mujh ko yaaro maaf karna

ज़ाहिद शराब पीने दे, मस्जिद में बैठकर या वो जगह बता दे जहाँपर ख़ुदा न हो मुझको यारो माफ़ करना, मैं नशे में हूँ अब तो मुमकिन है बहकना, मैं नशे में हूँ मुझको यारो माफ़ करना, मैं नशे में हूँ कल की यादें मिट रही हैं, दर्द भी है कम अब ज़रा आराम से … Continue reading

१९५३ – मयूरपंख – मैं तो चलूँ पश्चिम | 1953 – Mayurpankh – main to chaloon pashchim

मैं तो चलूँ पश्चिम, पूरब चले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया जबसे किसीको बसाया है दिल में हलचल है ग़ैरों की हर महफ़िल में मेरे घर चँदा, सूरज तले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया मैं तो चलूँ पश्चिम … सपनों में वो जबसे आने लगे हैं शाम-ओ-सहर मुस्कुराने लगे हैं मेरी … Continue reading