Songs of Shailendra::
archives

Amarendra R N

Amarendra R N has written 570 posts for शैलेंद्र के गीत | Songs of Shailendra

१९६० – जिस देश में गंगा बहती है – होंठों पे सच्चाई रहती है | 1960 – Jis Desh Mein Ganga Behti Hai – honthon pe sachchai rehti hai

होंठों पे सच्चाई रहती है, जहँ दिल में सफ़ाई रहती है हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है मेहमाँ जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है ज़्यादा की नहीं लालच हमको, थोड़े में गुज़ारा होता है बच्चों के लिए जो धरती माँ, सदियों से सभी कुछ सहती … Continue reading

१९६० – जिस देश में गंगा बहती है – हम भी हैं तुम भी हो | 1960 – Jis Desh Mein Ganga Behti Hai – hum bhi hain tum bhi ho

है आग हमारे सीने में, हम आग से खेलते आते हैं टकराते हैं जो इस ताक़त से, वो मिट्टी में मिल जाते हैं तुमसे तो पतंगा अच्छा है, जो हँसते हुए जल जाता है वो प्यार में मिट तो जाता है, पर नाम अमर कर जाता है हम भी हैं, तुम भी हो, दोनों हैं … Continue reading

१९६८ – कहीं और चल – पानी पे बरसे जब पानी | 1968 – Kahin Aur Chal – pani pe barse jab pani

पानी पे बरसे जब पानी, जब हों फ़िज़ाएँ दीवानी फिर तो ऐसे मौसम में, करता है दिल भी नादानी कुछ ढूँढ़ती हैं दो आँखें, कुछ खोजता है मन मेरा वो कौन है कहाँ पर है, जिसके ख़याल ने घेरा पानी पे बरसे जब पानी … बिजली चमक-चमककर क्यूँ हमें मुँह-चिढ़ाए जाती है नटखट इशारे कर-करके … Continue reading

१९६८ – कहीं और चल – रे आनेवाले आ तू देर ना लगा | 1968 – Kahin Aur Chal – re aanewale aa tu der na laga

रे आनेवाले आ, तू देर ना लगा हर आहट पे हो धक-से दीवाना दिल मेरा रे आनेवाले आ कबसे तेरी राहों में खड़ी मैं बेक़रार बोला जो पपीहा, थी वो मेरी ही पुकार फूलों को सजाए जैसे बाग़ों में बहार आँखों में सजाए मैंने सपने हज़ार रे आनेवाले आ … पापी मेरा दिल मेरे बस … Continue reading

१९६० – जिस देश में गंगा बहती है – ओ बसंती पवन पागल | 1960 – Jis Desh Mein Ganga Behti Hai – o basanti pawan pagal

ओ बसंती पवन पागल, ना जा रे ना जा रोको कोई ओ बसंती पवन पागल बनके पत्थर हम पड़े थे, सूनी-सूनी राह में जी उठे हम जबसे तेरी बाँह आई बाँह में छीनकर नैनों से काजल, ना जा रे ना जा रोको कोई ओ बसंती पवन पागल… याद कर, तूने कहा था, प्यार से संसार … Continue reading

१९६० – जिस देश में गंगा बहती है – बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना | 1960 – Jis Desh Mein Ganga Behti Hai – begani shaadi mein abdulla deewana

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ऐसे मनमौजी को मुश्किल है समझाना है ना! दुल्हन बनूँगी मैं, डोली चढ़ूँगी मैं दूर कहीं बालम के दिल रहूँगी मैं तुम तो पराए हो, यूँ ही ललचाए हो जाने किस दुनिया से, जाने क्यूँ आए हो बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ऐसे मनमौजी को मुश्किल है समझाना लहराती आऊँ … Continue reading

१९६० – जिस देश में गंगा बहती है – आ अब लौट चलें | 1960 – Jis Desh Mein Ganga Behti Hai – aa ab laut chalein

आ अब लौट चलें नैन बिछाए, बाँहें पसारे, तुझको पुकारे देश तेरा आ जा रे, आ जा रे सहज है सीधी राह पे चलना, देखके उलझन बचके निकलना कोई ये चाहे माने न माने, बहुत है मुश्किल गिरके सँभलना आ अब लौट चलें… आँख हमारी मंज़िल पर है, दिल में ख़ुशी की मस्त लहर है … Continue reading

१९६२ – हरियाली और रास्ता – परवानों की राह में दीवानों की चाह में | 1962 – Hariyali Aur Rasta – parwanon ki raah mein deewanon ki chaah mein

परवानों की राह में, दीवानों की चाह में जलूँ और जलाऊँ, मोहब्बत निभाऊँ मेरा बस यही काम है लाख कहूँ मैं दिलवालो इधर ना आना पास से गुज़रो तो दामन बचाके जाना मैं मीठी तपन हूँ, मचलती अगन हूँ नहीं है ये दिन, शाम है परवानों की राह में … शाम से ही मेरी दुनिया … Continue reading

१९६२ – हरियाली और रास्ता – बोल मेरी तक़्दीर में क्या है मेरे हमसफ़र | 1962 – Hariyali Aur Rasta – bol meri taqdeer mein kya hai mere humsafar

बोल मेरी तक़्दीर में क्या है, मेरे हमसफ़र अब तो बता जीवन के दो पहलू हैं, हरियाली और रास्ता कहाँ है मेरे प्यार की मंज़िल, तू बतला, तुझको है पता जीवन के दो पहलू हैं, हरियाली और रास्ता जहाँ हम आके पहुँचे हैं, वहाँ से लौटकर जाना नहीं मुमकिन, मगर मुश्किल है दुनिया से भी … Continue reading

१९६२ – हरियाली और रास्ता – लाखों तारे आसमान में | 1962 – Hariyali Aur Rasta – laakhon taare aasman mein

लाखों तारे आसमान में, एक मगर ढूँढ़े ना मिला देखके दुनिया की दीवाली, दिल मेरा चुपचाप जला लाखों तारे आसमान में, एक मगर ढूँढ़े ना मिला क़िस्मत का है नाम मगर, है काम ये दुनियावालों का फूँक दिया है चमन हमारे ख़्वाबों और ख़यालों का जी करता है, ख़ुद ही घोंट दें अपने अरमानों का … Continue reading